पीलीभीत। माला रेंज में धमेला बीट पहुंचे नेपाल के हाथियों ने पास के गांवों में बृहस्पतिवार रात जमकर तबाही मचाई। हाथियों के झुंड ने जंगल से निकलकर गांव सैजना में पहले फसलों को रौंदा और फिर इसके बाद ग्रामीण के घर में घुसकर तोड़फोड़ कर दी। जिससे घर में रखा सारा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। हाथियों के अचानक हमला होने से गांव में अफरा तफरी मच गई। ग्रामीणों ने पटाखे और रोशनी के साथ शोर मचाते हुए कर झुंड को खदेड़ा। इधर सुरक्षा को लेकर माधोटांडा रोड पर कुछ देर के लिए आवागमन को बंद कर दिया गया तो रातभर टीम पटाखा दागकर हाथियों को हाइवे पर आने से रोकती रही।
बीते करीब पांच दिन से हाथियों का झुंड माला रेलवे स्टेशन और गेस्ट हाउस के पास कंपार्टमेंट नंबर 125 और 127 में डेरा जमाए हुए था। बृहस्पतिवार को हाथी यहां से आगे बढ़ते हुए माधोटांडा रोड को पार कर धमेला बीट पहुंच गए थे। यहां पर कंपार्टमेंट नंबर 121 में झुंड ठहर गया। बृहस्पतिवार रात में वन कर्मी मार्ग पर सभी को सुरक्षित करते रहे तो वहीं हाथियों ने मरौरी के गांव सैजना में घुसकर तबाही शुरू कर दी। हाथियों ने गांव के बाहर लोगों की फसलों को रौंद दिया। इसके बाद गांव में आकर घरों पर हमला बोल दिया। सैजना निवासी गिरीश चंद का मकान जंगल के पड़ोस में है। जहां नेपाली हाथियों ने आकर यहां खूब तोड़फोड़ की, किसी तरह परिवार वालों ने अपनी जान बचाने के बाद शोर मचाया। शोरगुल सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घर मे रखा राशन अन्य नष्ट कर दिया। ग्रामीणों ने आग जलाकर झुंड को बाहर खदेड़ा। मामले की जानकारी मिलने के बाद सपा के पूर्वमंत्री हेमराज वर्मा पहुंचे और पीड़ित परिवार से वार्ता की। और उन्हें हर संभव मदद दिलाने का प्रयास किया। अभी भी हाथी जंगल और आबादी वाले इलाकों में डेरा जमाए हुए हैं।
बृहस्पतिवार को हाथी माधोटांडा रोड को पार कर धमेला बीट पहुंच गए थे। वापसी न कर दें इसके लिए मार्ग पर कुछ देर के लिए आवागमन को बंद कर दिया गया था। रात में टीम जंगल और मार्ग पर तैनात रही। इसके बाद सैजना गांव में हाथियों ने तोड़फोड़ की है। खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा।
- नवीन खंडेलवाल, डीडी टाइगर रिजर्व
- वन विभाग को एक्सपर्ट की मदद से हाथियों को आबादी वाले इलाके से बाहर खदेड़ना चाहिए। लापरवाही के चलते कोई बड़ी घटना घटित हो सकती है। अगर जल्द ही इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है तो आमजन के लिए समाजवादी पार्टी के लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे। हेमराज वर्मा, पूर्व राज्यमंत्री सपा