पीलीभीत। कोरोना काल में अब तक के हुए सभी त्योहार बेहद सादगी, शांतिपूर्ण माहौल में घरों में ही मनाए गए। शुक्रवार को मोहर्रम भी शासन की गाइडलाइन के मुताबिक मनाया गया है। न ताजिए के जुलूस, न मातम, न बाजे गाजे का शोरगुल। बेहद सादगी के साथ संपन्न कराया गया। इसको लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। गलियों से लेकर सड़क तक पुलिस तैनात रही। एसपी दिनेश कुमार पी भी फोर्स के साथ भ्रमण करते हुए निगरानी में जुटे रहे।
कोरोना के चलते मोहर्रम पर ताजिया निकालने को शासन ने रोक लगाई हुई है, जिसके चलते शुक्रवार को दसवें मोहर्रम को लेकर पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी थी। मुस्लिम बाहुल्य और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र में पुलिस को ज्यादा सतर्क रखा गया। मुस्तैदी के साथ एसपी पुलिस के साथ भ्रमण करते रहे। जिन गांव और कस्बों में ताजियादारी अकीदत के साथ की जाती थी। वहां पर पुलिस भारी संख्या में मौजूद रही। जिले भर में जिन जगहों पर ताजिए दफन किए जाते थे, वहां भी पुलिस की ड्यूटी लगी थी। जिले में पुलिस की सख्ती के चलते इस दौरान कहीं कोई गड़बड़ी और विवाद की शिकायत नहीं आई। इस पर पुलिस और प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
बीसलपुर। शासन से प्रतिबंध होने के कारण कही भी मोहर्रम का जुलूस नहीं निकाला गया। सुरक्षा के लिहाज से सभी स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया था। एसडीएम राकेश गुप्ता, सीओ प्रशांत, कोतवाल कमल सिंह और नायब तहसीलदार एपी राय पूरे दिन क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।
पूरनपुर। यहां भी ताजियों का जुलूस नहीं निकला। मगर छोटे ताजियों को करबला ले जाया गया। करबला पर लोगों की भीड़ रही। बृहस्पतिवार देरशाम को कुछ युवक ताजिया को लेकर पुलिस चौकी के पास पहुंचे। इस दौरान पुलिस पहुंचने पर युवक ताजिया लेकर खिसक गए।
-मोहर्रम को लेकर पुलिस फोर्स को अलर्ट रखा गया था। जिले में किसी तरह की कोई खुराफात नहीं हुई। आमजन ने बेहद शांतिपूर्ण ढंग से मोहर्रम मनाया। - दिनेश कुमार पी, एसपी