पीलीभीत/पूरनपुर। यूक्रेन और रूस से गेहूं का आयात न होने की वजह से बाजार में उछाल है। अबकी बार सीजन की शुरूआत में ही 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है जबकि पिछली बार यही रेट 1750 रुपये प्रति क्विंटल था। कांडला बंदरगाह के लिए गेहूं जा रहा है। विदेश में गेहूं की डिमांड है। रैक के माध्यम से पहली बार पीलीभीत से गेहूं कांडला बंदरगाह तक भेजा जा रहा है। अप्रैल में कई रैक गेहूं जाना है। पहली रैक गुरुवार को लोड हुई है। जिले की मंडियों में बरेली तक के व्यापारी माल खरीद रहे हैं। दिल्ली में एक्सपोर्टर को भेज रहे हैं।
रूस और यूक्रेन गेहूं के विश्व में सबसे बड़े निर्यातक देश हैं। गेहूं के अंतरराष्ट्रीय निर्यात में 18 फीसदी से अधिक का योगदान रहता है। वर्ष 2019 में रूस और यूक्रेन ने मिलकर दुनिया में एक चौथाई (25.4 प्रतिशत) से अधिक गेहूं का निर्यात किया था। फिलहाल युद्ध की वजह से यूक्रेन-रूस से गेहूं निर्यात प्रभावित रहने के आसार हैं। इसलिए आयात निर्यात करने वाले बड़े व्यापारी अब पूरनपुर और पीलीभीत जैसी छोटी मंडियों के चुनिंदा व्यापारियों से भविष्य के लिए सौदे कर रहे हैं। ताकि भारतीय गेहूं का दूसरे देशों में जरूरत का निर्यात कर सकें। फिलहाल जो सौदे हो रहे हैं उसमें 2411 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं खरीदा जा रहा है। यह गेहूं गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंचाना है। वहां से पानी के जहाजों से गेहूं को विदेशों में निर्यात किया जाएगा। बड़े व्यापारियों का कहना है कि गेहूं के रेट पर उछाल कब तक रहेगा जब तक विदेश में मांग निकलती रहेगी। अगर मांग जारी रही तब किसान को गेहूं बिक्री को भटकना नहीं पड़ेगा। साथ ही व्यापारी को भी अच्छा लाभ होने की उम्मीद है।
डिप्टी आरएमओ ज्ञानचंद्र वर्मा ने बताया कि अब तक जो फीडबैक है उसके अनुसार गेहूं का निर्यात होने की वजह से खुले बाजार में भाव अधिक है और खरीद केंद्र पर लोग कम पहुंच रहे हैं। पीलीभीत के मंडी सचिव अशोक कुमार ने बताया कि विदेश के लिए गेहूं का निर्यात होने से मंडी में भाव ऊंचा है। लगातार आवक भी बढ़ रही है। व्यापारी और किसान उत्साहित हैं। एक्सपोर्टर संजीव खंडेलवाल ने बताया कि कांडला से गेहूं बंगलादेश, वियतनाम सहित कई देशों में भेजा जा रहा है। पर्याप्त रैक न मिलने से व्यापारियों के सामने समस्या आ रही है। हालांकि रैक न मिलने पर ट्रकों से गेहूं कांडला भिजवाया जा रहा है।
पहली रैक गुरुवार को रवाना की गई है। अप्रैल में आठ से दस रैक गेहूं कांडला और गांधी ग्राम जाएगा। वहां से निर्यात होगा।
परेश अग्रवाल, व्यापारी, पीलीभीत
विदेश में गेहूं की मांग निकल रही है। किसानों को भरपूर भाव मिल रहा है। केंद्र सरकार की निर्यात नीति से यह पहला सीजन है जब मंडी में गेहूं का भाव 2000-2050 रुपये क्विंटल है।
अभिषेक सिंह गोल्डी, व्यापारी, पीलीभीत
गेहूं इस बार विदेशों को एक्सपोर्ट हो रहा है। पूरनपुर, पीलीभीत का गेहूं कांडला बंदरगाह भेजा जा रहा है। इसीलिए किसान को इस बार रेट अच्छा मिल रहा है। - सुलेमान, आढ़ती, पूरनपुर
क्षेत्र से गेहूं कांडला जा रहा है। कांडला में गेहूं पहुंच का रेट 2400 रुपये प्रति क्विंटल है। इसीलिए किसान को सीजन की शुरूआत में ही गेहूं का रेट दौ सौ रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिल रहा है। - कृष्ण कुमार, आढ़ती, पूरनपुर
गेहूं निर्यात होने की वजह भाव बढ़ा है। भाव के मामले में यह सीजन किसानों और व्यापारियों के लिए अच्छा रहने की उम्मीद है। - आसिम खां, व्यापारी
सरकार की मेहरबानी से किसानों को गेहूं का अच्छा रेट मिल रहा है। सरकार ने एक्सपोर्ट को खोल रखा है। अच्छा रेट मिलने से किसान खुशहाल है। - स्वराज सिंह, जिलाध्यक्ष भाकियू
किसान चाहाता है कि एमएसपी ने नीचे बाजार नहीं रहना चाहिए। एक्सपोर्ट से गेहूं का अच्छा रेट मिलने से किसान खुश हैं। एक्सपोर्ट पर पाबंदी नहीं लगानी चाहिए। - कुलवंत सिंह, पिपरिया मझरा