फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: बारिश के बाद गेहूं खरीद में आई तेजी, 76% किसानों को मिला भुगतान

विज्ञापन
शहर की मंडी समिति परिसर के खरीद केंद्र पर खरीद का निरीक्षण करते डिप्टी आरएमओ स्रोत स्वयं
विज्ञापन
जिले के 121 केंद्रों पर 83 हजार मीट्रिक टन में से 6635 की हुई खरीद, आठ प्रतिशत लक्ष्य पूरा
विज्ञापन

पीलीभीत। बारिश के बाद जिले में गेहूं खरीद की रफ्तार में थोड़ा इजाफा हुआ है। लक्ष्य के सापेक्ष करीब आठ प्रतिशत खरीद हो चुकी है। जिले के गेहूं खरीद का लक्ष्य भी संशोधित किया गया है। अब जिले में 83 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होनी है। इसका एजेंसीवार वितरण भी कर दिया गया है। अब तक हुई खरीद का करीब 76 प्रतिशत भुगतान भी किसानों के खाते में भेजा गया है। उधर, खुले बाजार में गेहूं की आवक में भी इजाफा हुआ है।
जिले में 125 गेहूं खरीद केंद्र खोले गए थे। बाद में दो केंद्र कम हो गए। वर्तमान समय में 121 केंद्रों पर गेहूं की खरीद हो रही है। करीब एक माह बीतने के बाद जिले में 6635 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। यह जिले को मिले लक्ष्य का करीब आठ फीसद है। शुरुआत में खरीद की रफ्तार काफी सुस्त रही थी। अप्रैल के पहले सप्ताह में हुई बारिश ने भी गेहूं खरीद पर असर डाला था। नमी की वजह से आवक थम गई। साथ ही गेहूं की चमक भी चली गई थी। हालांकि अब खरीद में तेजी आई है। संवाद
विज्ञापन


एजेंसीवार आवंटित गेहूं खरीद लक्ष्य
एजेंसी केंद्र लक्ष्य (मीट्रिक टन)
खाद्य विभाग 30 20250
पीसीएफ 21 14175
यूपीएसएस 24 17550
पीसीयू 26 17550
नैफेड 13 8750
भारतीय खाद्य निगम 7 4725

950 किसानों के खाते में पहुंचे 13.13 करोड़
जिले में खरीद के साथ किसानों के भुगतान की गति भी तेज है। किसानों से अब तक करीब 17.28 करोड़ रुपये की गेहूं खरीद हो चुकी है। इसमें 950 किसानों के खाते में 13.13 करोड़ रुपये का भुगतान भेजा जा चुका है। यह लगभग 76 प्रतिशत है। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि खरीदे गए गेहूं के मूल्य का भुगतान तय समय में ही किया जा रहा है। जिन किसानों के खाते में किसी तरह की समय उनके भुगतान में ही दिक्कत आती है। खरीद बढ़ाने के लिए सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया है। हीलाहवाली मिलने पर चेतावनी भी जारी की जा रही है।
विज्ञापन


गेहूं की गुणवत्ता मानक में छूट से बढ़ी खरीद
बारिश की वजह से गेहूं की चमक फीकी पड़ गई थी। केंद्रों पर इसकी खरीद बंद कर दी गई। जिला प्रशासन ने इस संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्रालय को पत्र भेजा। केंद्रीय टीम ने जिले में आकर गेहूं की जांच की। इसमें गेहूं खरीद योग्य पाया गया। गेहूं की गुणवत्ता मानकों में राहत मिलने के बाद जिले में खरीद का आंकड़ा बढ़ा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें