- दो साल से नदी का पानी पहुंचा रहा नुकसान, ठोस उपाय न होने से बढ़ेगा खतरा
- कलीनगर तहसील के दस से अधिक गांव में बना रहता है शारदा नदी के कारण बाढ़ का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
कलीनगर। हर साल बाढ़ का दंश झेल रहे तराई के एक दर्जन गांवों के लोगों की चिंता फिर बढ़ने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल भी शारदा ने कई इलाकों में बाढ़ नियंत्रण के लिए बनवाई गईं ठोकरों और बांधों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। बावजूद इसके अब तक स्थायी कार्य शुरू नहीं किए गए। ऐसे में बरसात के समय नदी फिर नुकसान पहुंचाएगी।
कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी समेत कई नेपाली नदियां नोमैंस लैंड से जनपद में प्रवेश करती हैं। बरसात के दौरान बाढ़ से होने वाली बर्बादी किसी से छिपी नहीं है। कलीनगर क्षेत्र में नेपाल सीमा से सटे नोमैंस लैंड क्षेत्र से प्रवेश के बाद सनेडी और जगबूढ़ा नदी की बाढ़ का पानी शारदा नदी में मिलता है।
इसके बाद नदी से नुकसान शुरू हो जाता है। पिछले दो वर्षों से बर्बादी बढ़ती जा रहा है। नदी का विकराल रूप लोगों की चिंता बढ़ा देता है। नदी के खतरे को देखते हुए करीब आठ साल पूर्व नोमैंस लैंड से सटे इलाके में कई किलोमीटर लंबा तटबंध बनाया गया, लेकिन उसके बावजूद दो वर्षों के अंतराल में कई स्थानों पर नदी नुकसान पहुंचाती आ रही है।
सिंचाई विभाग को नहीं मिला बजट
कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी के नुकसान को रोकने के लिए इस बार सिंचाई विभाग को कोई नया बजट नहीं मिल सका है। लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लग गई। यदाकदा अस्थायी कार्य कराए गए। ग्रामीणों का कहना है कि नदी दो साल से पुराने रूप में लौटने का प्रयास कर रही है। ऐसे में ठोस कार्य होने जरूरी हैं। यदि ऐसी ही स्थिति रही तो बरसात के दौरान इस इलाके के लोगों को बाढ़ की विभीषिका झेलना पड़ेगी।
ग्रामीणों ने कहा
रमनगर के पूर्व प्रधान प्रशांत साना, नौजल्हा निवासी अरुण भंडार, गभिया सहराई के पूर्व प्रधान शंकर राय, मठईया लालपुर के प्रधान शंकर राय समेत शारदा नदी से सटे इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि अभी भी समय है यदि सिंचाई विभाग ने तत्काल बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू नहीं कराए तो स्थिति खराब हो जाएगी। जमीनों के अलावा कृषि फसलों को भी नुकसान पहुंचेगा।
-
तहसील क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण कार्यों की स्थिति को जल्द ही मौके पर जाकर परखा जाएगा। बाढ़ नियंत्रण योजनाओं के बारे में भी सिंचाई विभाग से जानकारी की जाएगी।
- आशुतोष गुप्ता, एसडीएम कलीनगर