पीलीभीत। जिले को बड़ी लाइन रेल देने की सौगात 2016 में शुरू हुई थी। इसके बाद भोजीपुरा और टनकपुर के बीच 2018 में संचालन बंद होने के बाद लखनऊ और शाहजहांपुर रेल खंड पर काम शुरू हुआ था। इस रेल खंड पर चार साल बीतने के बाद भी ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका। इससे अब यात्रियों की ट्रेन से सफर करने की आस टूटती दिखाई दे रही है। यह स्थिति तब है जब मैलानी-शाहगढ़ और पीलीभीत-शाहजहांपुर के बीच आमान परिवर्तन के बाद ट्रेन चलाने की कवायद शुरू हो चुकी है।
अमान परिवर्तन का काम शुरू हुआ, तो लोगों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा था। देता भी क्यों नहीं मीटरगेज की ट्रेनों से पीछा छूटकर ब्राडगेज की ट्रेनों का संचालन होने जा रहा था। मगर उनकों क्या पता था कि उनके साथ छल किया जा रहा है। भोजीपुरा और टनकपुर के बीच महज दो साल में ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया, जबकि शाहजहांपुर और लखनऊ रेल खंड को बंद हुए चार साल बीत चुके हैं, मगर ट्रेनों का संचालन शुरू होने का नाम नहीं ले रहा है। जनप्रतिनिधि से लेकर रेलवे बोर्ड के सदस्यों ने भी सिफारिश की। सांसद, मंत्री विधायक ने भी सिफारिश की, मगर शाहजहांपुर रेल खंड तैयार होने के बाद भी ट्रेनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। जबकि मालगाड़ी इस रेल खंड पर लगातार चलाई जा रहीं है।
इसके अलावा लखनऊ रेल खंड पर पीटीआर के जंगल को लेकर एनओसी में मिलने में दिक्कत हुई, तो मैलानी-शाहगढ़ के बीच काम पूरा कर सीआरएस निरीक्षण हो गया। मगर उधर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे अब इन दोनों रेल खंडों पर ट्रेन का सफर करने का सपना लोगों का टूटता दिखाई दे रहा है।
लखनऊ जाने में महज 19 किलोमीटर रोड़ा
पीलीभीत से लखनऊ की दूरी करीब ढाई सौ किलोमीटर है। इस रूट पर अमान परिवर्तन का काम भी पूरा हो चुका है। मैलानी से लखनऊ के लिए ट्रेनों का संचालन भी हो रहा है। मगर पीलीभीत-मैलानी के बीच पीटीआर का जंगल होने के कारण एनओसी मिलने में देरी हो गई थी। अब मिलने के बाद भी अमान परिवर्तन का काम गति नहीं पकड़ पा रहा है। अगर काम पूरा हो जाएगा, तो इस रेल खंड पर पीलीभीत से सीधे लखनऊ के लिए ट्रेन मिल सकती है।
दोनों रूटों पर परिवहन व्यवस्था भी बदहाल
लखनऊ और शाहजहांपुर रूटों पर परिवहन व्यवस्था भी पूरी तरह बदहाल है। सिर्फ ट्रेनों का सफर ही इन रूटों पर यात्रियों के लिए सुविधाजनक है। मगर अफसोस रेलवे अफसरों को शायद यात्रियों की समस्या का अहसास नही है।