पीलीभीत। गांवों की समस्याएं विकास के दावों की जमीनी हकीकत खोल रहीं है। रास्ते खस्ताहाल हैं। बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। यह स्थिति तब है जब ग्राम पंचायतों का एक वर्ष पूरा हो गया है। विकास कार्यों के लिए औसतन 20 लाख रुपये हर ग्राम पंचायत को मिले हैं लेकिन उस हिसाब से कार्य नहीं दिख रहे।
जिले में 720 ग्राम पंचायतें हैं। लगभग सभी को चार-चार किस्तें जारी हो चुकी हैं। एक ग्राम प्रधान के अनुसार चार किस्तों में करीब 20 लाख रुपये ग्राम निधि के रूप में आए। इस हिसाब से देखा जाएगा तो ग्राम निधि के तहत आई रकम सौ करोड़ से भी ज्यादा है। सरकार की भी मंशा है कि गांवों की तस्वीर बदले, साफ सुथरी सड़कें बनें, हर घर में शौचालय हो, बच्चों के लिए अच्छे स्कूल हों, ग्राम पंचायत स्तर के कार्य निपटाने के लिए क्रियाशील ग्राम पंचायत भवन हों। ये परिकल्पना कितनी पूरी हो पा रही है, जब गांवों में इसकी तस्वीर देखी तो हकीकत बिल्कुुल उलट नजर आई।
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सराय सुंदरपुर: कहने को आदर्श गांव, विकास के नाम पर बनीं दो सड़कें
- शहर से करीब छह-सात कि मी दूर पूरनपुर रोड पर सराय सुंदरपुर गांव है। ये गांव आदर्श ग्राम में चयनित है। गांव में कुछ सड़कें काफी पहले की बनी हुई हैं। दो सीसी रोड बने हैं। हालांकि रोड के किनारे बनने वाली नालियां एक साइड में नजर नहीं आईं। गांव के आखिर में ग्राम पंचायत भवन है। उसमें ताला पड़ा था। भवन भी खस्ताहाल है। बाहर बाउंड्रीवॉल टूटी हुई है। पड़ोस में बहने वाली नाली चोक है। वहीं पास में खड़े गांव निवासी शिव कुमार और सत्यप्रकाश कहते हैं कि एक साल में दो सड़कें बनी हैं। उसके अलावा कोई ऐसा कार्य नहीं हुआ। आदर्श ग्राम पंचायत के बजट से कुछ स्ट्रीट लाइट लगी हैं। गांव की दूसरी साइड में जब सड़कों का हाल देखा तो एक सड़क ठीक हाल में थी, लेकिन उसके बाद कच्ची सड़क थी। पहली किस्त के रूप में गांव को 20 लाख रुपये मिल चुके हैं, लेकिन इसका उपयोग कितना हुआ ये ग्राम प्रधान ठीक से नहीं बता पाए। सुंदरपुर की प्रधान वैसे तो अन्नपूर्णा हैं, लेकिन कामकाज उनके पति राजेश कुुमार देखते हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम निधि की कितनी किस्त आई और आदर्श ग्राम में कितना पैसा मिला उनको जानकारी नहीं। उनके अनुसार सारा हिसाब किताब सचिव के पास है। विकास कार्यों को लेकर बोले कि सड़कें और नालियां
बीसलपुर : प्रधान के दावे की पोल खोल रहे विकास कार्य
घटगवां की दो सड़कें हैं बदहाल
बीसलपुर। ग्राम पंचायत कितनापुर में एक वर्ष में कोई खास विकास कार्य नहीं हो पाया है, जबकि ग्राम प्रधान करीब 11 लाख रुपये से विकास कराने का दावा कर रहे हैं। उनका यह दावा आम जनता के गले नहीं उतर रहा है। गुरुवार को जब इस ग्राम पंचायत में विकास कार्यों का जायजा लिया गया तो स्थिति काफी खराब मिली। कितनापुर के मजरा घटगवां में दो सड़कें ऐसी हैं, जिनसे निकलना मुश्किल है। दोनों सड़कों पर इस समय भी काफी कीचड़ है। ग्राम प्रधान सूरजपाल ने बताया कि मैंने एक वर्ष के कार्यकाल में ग्राम पंचायत के तीनों गांवों में इंटरलॉकिंग सड़क बनवाई, रेन वाटर हारर्वेस्टिंग सिस्टम लगवाया, तीनों गांवों के चारों बेसिक स्कूलों का कायाकल्प कराया।
मल्लपुर गांव में सड़कें बदहाल, साल भर में नहीं बदली सूरत
कलीनगर। गांव मल्लपुर का एक और मौजा न्यूरिया भी है। चार हजार आबादी वाले गांव में दो हजार वोटर है। गांव 12 वार्ड में फैला हुआ है। गांव में नए सरपंच की सत्ता को संभाले एक साल बीत गया। ग्राम पंचायत मल्लपुर गांव में विकास कार्यों की हकीकत इसे बयां कर रही है। गांव के अंदर बहुत सी सड़कें आज भी बदहाल है। ग्रामीणों ने मुताबिक कुछ सड़कें बदहाल है। ग्राम प्रधान शिव कुमार ने बताया कि एक साल में गांव में करीब बीस नए कार्य किए गए। शेष कार्यों पर भी अमल किया जाएगा।
किस्तें जारी हो चुकी हैं। ग्राम निधि से कार्य भी चल रहे हैं। आदर्श ग्राम की किस्तें भी जारी हो चुकी हैं। अगर कुछ गांव में कार्य नहीं हुए होंगे तो उसे दिखवाया जाएगा।- प्रशांत कुमार, सीडीओ
आदर्श गांव सराय सुंदरपुर में सड़क पर बहता नाली का पानी। संवाद- फोटो : PILIBHIT
बीसलपुर के गांव घटगवां की बदहाल सड़क। संवाद- फोटो : PILIBHIT