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आवास विकास कॉलोनी में उखड़ी पड़ी सड़कें, अभियंता बोले-बजट नहीं है, कैसे हो मरम्मत

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आवास विकास कॉलोनी की जर्जर सड़क। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। आवास विकास कॉलोनी की अधिकतर सड़कें उखड़ गईं हैं। आने-जाने वाले लोग परेशान हैं पर आवास विकास परिषद के जिम्मेदार अभियंता बजट न होने की बात कहते हुए जिम्मेदारी से किनारा कर रहे हैं। ऐसे में सड़के कैसे सही हों और लोगों को कैसे राहत मिले।
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करीब 37 वर्ष पहले 1985 में पीलीभीत शहर में टैगोर नगर योजना के माध्यम से आवास विकास कॉलोनी की स्थापना की गई। इसमें विभिन्न श्रेणियों के 883 मकान बने हैं। लोग निवास कर रहे हैं लेकिन सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। लोगों को आने जाने में दुश्वारी है। टैगोर नगर योजना में करीब पांच हजार की आबादी तो सीधे तौर पर प्रभावित है। जो लोग कभी-कभी आते जाते हैं वे जर्जर सड़कों की वजह से परेशान होते हैं। आवास विकास परिषद के अभियंताओं ने बजट न होने की बात कहकर मरम्मत भी नहीं कराई।
एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी
आवास विकास परिषद के सहायक अभियंता रविंद्र प्रकाश त्रिवेदी से पूछा गया तो उनका कहना था कि पांच वर्ष से अवस्थापना मद में इनता धन आवंटन नहीं हुआ कि सड़कें ठीक करा पाते। इसलिए सड़कें जर्जर हैं। यह पूछने पर कि सड़कें कब ठीक कराएंगे। उन्होंने कहा कि जब बजट नहीं आ रहा है तो काम कैसे कराएं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका परिषद आवास विकास के मकानों से टैक्स ले रही तो उसे सड़कों की मरम्मत भी करानी चाहिए। जब उनसे कहा गया कि नगर पालिका परिषद के ईओ का कहना है कि अभी तक कॉलोनी उन्हें हस्तांतरित नहीं हुई है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सिर्फ कॉलोनी का एक हिस्सा हस्तांतरित नहीं है। पूरी कॉलोनी पालिका के पास है और पालिका को सड़कों की मरम्मत करानी चाहिए।
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आवास विकास परिषद को अवस्थापना मद में जब तक धन मिला है तब तक तो मरम्मत कराई गई पर 2017 से अब तक सड़कों के लिए धन नहीं मिला। ऐसे में मरम्मत संभव नहीं हुई।
रविंद्र प्रकाश त्रिवेदी, सहायक अभियंता, आवास विकास प रिषद
कोट--
नगर पालिका के पास भी बजट का अभाव रहता है लेकिन जो जरूरी काम होते हैं उन्हें कराते हैं। जहां तक कॉलोनी के हस्तांतरण का मसला है। अभी तक कागजों में यह कॉलोनी पालिका को हस्तांतरित नहीं हुई है।
सुरेंद्र प्रताप सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
मैं आवास विकास की सड़कों को लेकर कई बार आवास विकास के दफ्तर में गया पर कोई सुनवाई नहीं हुई। मेरे घर आने वाले लोग भी सड़कें खराब होने की वजह से परेशान होते हैं। - चंद्रशेखर आजाद
सड़कें खराब होने की वजह से पांच हजार से अधिक आबादी परेशान है लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। सड़कें कब ठीक होंगी? मेरा यही सवाल है? - मंगलीप्रसाद
सड़कें खराब होने से संपत्ति की कीमत गिरती है। जब टैक्स वसूला जा रहा है तो सुविधाएं क्यों नहीं दी जा रही हैं। जिम्मेदार इसका जवाब दें। - रक्षित जौहरी

जर्जर पड़ी आवास विकास कॉलोनी की सड़क। संवाद- फोटो : PILIBHIT

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