इस पर 11 अगस्त 2023 को बरेली के थाना इज्जतनगर के मोहल्ला छोटी बिहार के रहने वाले अंकित सिंह, वाराणसी के थाना चौबेपुर की संध्या देवी पत्नी विजय कुमार के साथ सीएमओ कार्यालय पहुंचे। सीएमओ ने चरक डायग्नोस्टिक सेंटर के पंजीकरण के आवेदन पर लगी फोटो से जब महिला की फोटो का मिलान किया तो पूरा मामला साफ हो गया।
पता चला कि डॉ. अदिति की डिग्री लगाकर दोनों पंजीकरण कराना चाह रहे हैं। सीएमओ ने कार्यालय के कर्मचारियों से दोनों को पकड़वा लिया। इसके बाद कोतवाली से पुलिस बुला ली। बताया जा रहा कि अंकित के साथ तीन-चार और लोग भी आए थे, जो भाग गए। सीएमओ कार्यालय के बाबू की तहरीर पर पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
महिला को दिया था 20 हजार रुपये का लालच
इंस्पेक्टर कोतवाली नरेश त्यागी ने बताया कि अंकित ही महिला को वाराणसी से लेकर आया था। महिला को बताया था कि कुछ देर के लिए उसे डॉक्टर बनकर बातचीत करनी है। इसके लिए उसे 20 हजार रुपये दिए गए थे। अंकित के कई डॉक्टरों से संबंध हैं। वह इसी तरह से क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर के रजिस्ट्रेशन के लिए फर्जी डॉक्टर व स्टाफ उपलब्ध कराता है।