आंगन से होकर गुजरी बाघिन
मंगलवार रात बाघिन टांडा कॉलोनी में शंकर मंडल के घर के बाहर होकर निकली थी। बुधवार सुबह पदचिह्न देखे तो होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीमों ने जांच की। शंकर मंडल ने बताया कि उनके घर में छह सदस्य हैं। घर की बाउंड्रीवॉल नहीं बनी है। मंगलवार रात खाना खाने के बाद सभी लोग घर के अंदर सो गए। पालतू मवेशी को भी अंदर बांध दिया। शंकर ने बताया कि रात करीब चार बजे कुत्तों के तेज भौंकने पर वह जाग गए, लेकिन कमरे से बाहर निकलकर नहीं आए।
सुबह करीब छह बजे परिवार के लोग उठे तो उनकी नजर बाघिन के पगचिह्न पर पड़ी। घर के पास खेत में पगचिह्न देखे गए। प्रधान ने सूचना वन विभाग को दी। सामाजिक वानिकी के अफसर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पदचिह्न देख बाघिन की लोकेशन का पता लगाया। ड्रोन कैमरे की मदद से घर के नजदीक एक बीघा गन्ने में भी बाघिन की स्थिति को परखा गया, लेकिन कहीं मौजूदगी नहीं दिखी।
भिंडारा क्षेत्र में भी दिखे पदचिह्न, दौड़ीं टीमें
न्यूरिया के ग्राम भिंडारा में भी आबादी से सटे इलाके में बाघिन के पदचिह्न देखे गए। मौके पर पहुंचे सामाजिक वानिकी के डीएफओ भरत कुमार डीके ने अपनी टीम के साथ पदचिह्न के आधार पर बाघिन की लोकेशन का पता लगाने के प्रयास किए। इस पर बाघिन के भगतनिया फार्म की ओर निकल जाने की बात सामने आई। इस दौरान अफसर और टीम ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि वह खेतों की ओर अकेले न जाएं।
मैदना गांव में बाघिन की मौजूदगी का मचा शोर
बुधवार शाम टनकपुर हाईवे से सटे छोटे मैदना गांव में बाघिन की मौजूदगी का शोर मच गया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। बताया जाता है कि गांव की एक बच्ची ने बाघिन को गन्ने के खेत में जाते देखा। सूचना पर महोफ रेंजर सहेंद्र यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की भीड़ को देखते हुए न्यूरिया पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जानकारी जुटाने के साथ पदचिह्न ट्रेस करने के प्रयास किए, लेकिन कोई मौजूदगी के कोई प्रमाण नहीं मिले।