पीलीभीत। पूरनपुर क्षेत्र के रिहायशी इलाके में घूम रहा बाघ डेढ़ माह बाद भी पकड़ से दूर है। क़रीब चार दिन बाघ पूरनपुर के मनहरिया खुर्द गांव के आसपास डेरा जमाए हुए है।
बृहस्पतिवार शाम ढलते ही बाघ गन्ने के खेत से बाहर निकला। खेत से बाहर निकले बाघ ने कुत्तों का शिकार करने प्रयास भी किया, मगर बाघ को सफलता नहीं मिली। देर शाम सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीएफओ संजीव कुमार मौके पर पहुंचे तो उन्हें किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा। बताते हैं कि रिहायशी इलाके में घूम रहे बाघ को न पकड़ने पर किसानों ने डीएफओ का घेराव भी किया। फिलहाल खुले में घूम रहे बाघ को लेकर किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, वन विभाग के एक बड़े अधिकारी पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अधिकारी के साथ पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ से मिलने लखनऊ रवाना हुए हैं। बताते हैं यह दोनों अधिकारी बाघ को बेहोश करने की अनुमति के संबंध में वार्ता करने गए हैं। फिलहाल कोई इस बारे में नहीं बोल रहा है। संवाद