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Pilibhit: बाघिन ने गोशाला में घुसकर गोवंश को बनाया निवाला, वन विभाग की टीम ने जाल लगाकर की घेराबंदी

Sat, 11 Mar 2023 06:06 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

शनिवार सुबह बाघिन शहपुरा गांव की गोशाला में जा घुसी। एक गोवंशीय पशु का शिकार कर गोशाला क्षेत्र में ही उगी झाड़ियों में ले जाकर खाया। इसकी जानकारी होने पर इलाके में दहशत फैल गई। वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई। बाघिन को पकड़ने के लिए जाल लगाया। 
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झाड़ियों में बैठी बाघिन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत में जंगल से दूर बरखेड़ा क्षेत्र में पांच दिन से दहशत का पर्याय बनी बाघिन शनिवार को भी वन विभाग के हत्थे नहीं चढ़ सकी। शनिवार सुबह केशोपुर गांव की गोशाला में पशु का शिकार करने के बाद बाघिन वहीं बैठ गई। जानकारी लगते ही विभागीय टीमों ने जाल लगाकर बाघिन की घेराबंदी तो की, लेकिन उसे बेहोश नहीं किया जा सका। विभाग की ओर से बेहोश करने की अनुमति नहीं दी गई। 

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बरखेड़ा क्षेत्र के शहपुरा में तीन दिन तक गन्ने के खेतों में डेरा जमाने के बाद बाघिन गुरुवार रात वन विभाग की टीम को चकमा देकर निकल गई थी। शुक्रवार शाम शहपुरा से चार किलोमीटर दूर केशोपुर की सीमा में बाघिन की मौजूदगी देखी गई थी। खेतों में बाघिन की मौजूदगी की सूचना पर वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंची थीं। रात को भी निगरानी की जाती रही। 

गोवंश को किया शिकार 

शनिवार सुबह बाघिन शहपुरा गांव की गोशाला में जा घुसी। एक गोवंशीय पशु का शिकार कर गोशाला क्षेत्र में ही उगी झाड़ियों में ले जाकर खाया। इसकी जानकारी के बाद विभाग की ओर से गोशाला क्षेत्र की जाल लगाकर घेराबंदी की गई। अफसरों की मौजूदगी में बाघिन शिकार के पास बैठी रही। 


 

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बाघिन की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर पहुंच गई। ऐसा कहा गया कि बाघिन को बेहोश करने को रेस्क्यू किया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गई, लेकिन दोपहर बाद उच्च स्तरीय अफसरों की ओर से बेहोश करने की अनुमति नहीं दी गई। जिसके बाद सामाजिक वानिकी के डीएफओ मौके से रवाना हो गए। तीन टीमें विभाग की निगरानी में लगी रहीं। 

पिंजड़े में बांधा गया बकरा

बेहोश करने की अनुमति न मिलने के बाद विभागीय की ओर से पिंजड़ा मंगवाया गया। गोशाला में बाघिन की मौजूदगी वाले क्षेतप्त्र में पिंजड़ा रखा गया। लालच के लिए पिंजड़े में बकरा भी बांधा गया, लेकिन बाघिन पिंजड़े के करीब आने के बाद चहलकदमी करती रही। उसके अंदर नहीं आई।

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रेंजर पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि गोशाला क्षेत्र में बाघिन की मौजूदगी को लेकर निगरानी की जा रही है। पिंजड़ा लगाया गया। स्थिति के अनुसार ही बाघिन को बेहोश करने की रणनीति पर अमल किया जाएगा। 
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