Tiger camped in Khannaut river of Shahgarh area
कलीनगर। शाहगढ़ क्षेत्र में पिछले साल की तरह बाघ ने एक बार फिर खन्नौत नदी क्षेत्र में डेरा जमा लिया है। दस दिन से बाघ की नदी क्षेत्र में मौजूदगी देखी जा रही है। इससे क्षेत्रीय किसान सहमे हुए हैं। हालांकि जानकारी के बाद से सामाजिक वानिकी विभाग की टीम बाघ की निगरानी में जुटी है। झाड़ियों में शरण लिए बाघ देर शाम को नदी क्षेत्र में चहलकदमी करता देखा जा रहा है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ की संख्या में इजाफा हो रहा है। जंगल और उससे बाहर के इलाके में बाघों की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। दस दिन पूर्व माला रेंज के जंगल से बाहर निकलकर एक बाघ शाहगढ़ क्षेत्र में खन्नौत नदी के इलाके में पहुंच गया था। नदी क्षेत्र में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं। ठंडा इलाका होने के कारण नदी क्षेत्र के पास का इलाका बाघ को रास आ रहा है।
दरअसल झाड़ियों में जीवों की मौजूदगी भी बनी रहती है। शिकार के लालच में बाघ घात लगाए बैठा रहता है। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी सामाजिक वानिकी विभाग को दी थी। इसके बाद से ही रेंजर के निर्देश पर वनकर्मियों की टीम उस इलाके में निगरानी में जुटी है। खास बात यह है कि बाघ दिनभर झाड़ियों में ठहरने के बाद शाम होते ही शिकार के तलाश में दूसरी ओर निकलता है। निगरानी में जुटे वनकर्मियों ने पग चिह्न भी ट्रेस किए। पिछले साल भी बाघ ने इस इलाके में कई दिनों तक डेरा जमाया था। जिससे ग्रामीणों के साथ विभाग की परेशानी भी बढ़ गई थी।