पीलीभीत। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट)/ अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए प्रत्येक को पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया है।
थाना में पूरनपुर के प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल सिंह 2 फरवरी 2022 को पुलिसबल के साथ देखरेख शांति व्यवस्था वाहन चेकिंग व चुनाव ड्यूटी पर थे। ज्ञात हुआ कि शेरपुर के तालिब ने एक संगठित गिरोह बना लिया है।
गैंग के सदस्य के साथ आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए संगठित होकर गैंग के रूप में संरक्षित पशुओं को पकड़कर वध करके मांस विक्रय कर धन अर्जित करते हैं। इस गैंग का क्षेत्र व आसपास में भय व आतंक है, जिस कारण कोई जनता का कोई व्यक्ति गवाही व सूचना नहीं देता।
इनके लोगों के विरुद्ध पूर्व में कई आपराधिक अभियोग दर्ज हैं। पुलिस ने वाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से अभियोजन अधिकारी (गैंगस्टर एक्ट) अमित शुक्ल ने पैरवी कर कई गवाह न्यायालय में पेश किए बही आरोपियों ने निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद तालिब बड़े व एजाज को दोषी पाते हुए दंडित किया।
गैंगस्टर एक्ट के एक अन्य दोषी को चार वर्ष कैद
पीलीभीत। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) /अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आरोपी को दोषी पाते हुए चार वर्ष कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
थाना बिलसंडा में थानाध्यक्ष यशपाल सिंह ने 16 सितंबर 2006 को सूचना दर्ज कराई थी कि थाना दियोरिया के ग्राम तिहारी मानपुर के मुरादबख्श ने एक संगठित गिरोह बनाकर जनता में भय व्याप्त करके दंडनीय अपराध में लिप्त है। गिरोह के सदस्य थाना दियोरिया के ग्राम देवकली का चिरौंजी लाल थाना भुता बरेली के ग्रामकंजा का अमरपाल है, जिन्होंने संगठित होकर निजी स्वार्थ के लिए व अकेले अनुचित भौतिक व आर्थिक तथा अन्य लाभ के लिए अपराध किए। इन लोगों के विरुद्ध कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने वाद विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुराद बख्श की पत्रावली अलग की गई। अमरपाल जुर्म स्वीकार कर चुका है। न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए दंडित किया। संवाद