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ओलंपिक में देश को पदक दिलवाने वाले खिलाड़ी सिमरनजीत के घर जाने वाली सड़क में गड्ढे ही गड्ढे

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मझोला। समय पर मरम्मत न कराए जाने की वजह से 211.04 लाख खर्च करके बना मझोला-ड्यूनी डैम मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया। जलभराव होने से कुछ स्थानों पर सड़क तालाब की तरह नजर आती है। ओलंपिक हॉकी में देश को पदक दिलवाने वाले खिलाड़ी सिमरनजीत सिंह का घर भी यहीं है। सिमरनजीत सिंह पर पूरा देश मान करता है पर इस खिलाड़ी को घर आने के लिए बड़े-बड़े गड्ढों से गुजरना पड़ता है।
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मार्ग वर्ष 2009-10 में मझोला से ड्यूनी डैम तक 10 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण 211.04 लाख में किया गया था। वर्ष 2014-15 तक ठेकेदार का रखरखाव करना था लेकिन मरम्मत न होने के कारण मार्ग बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गया। लोगों ने कई बार उच्चाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया पर ध्यान नहीं दिया गया।
मार्ग से गुजरते हैं रोजाना सैकड़ों लोग
अमरिया तहसील बनने के बाद इस मार्ग पर रोजना सैकड़ों जरूरतमंदों का आना-जाना होता है। घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए मुख्य बाजार मझोला तक लोगों को जाना ही पड़ता है। सैकड़ों विद्यार्थी साइकिलों व निजी वाहनों के द्वारा शिक्षा प्राप्त करने के लिए मझोला क्षेत्र में बने स्कूलों में आते हैं। इनको इसी टूटे हुए मार्ग से साइकिल से हिचकोले खाते व मार्ग से गुजर रहे बड़े वाहनों से अपने आप को सुरक्षित कर निकलना पड़ता है। कई बार स्कूली बच्चे व दोपहिया वाहन चालक गड्ढों से अपने वाहन को बचाने के चक्कर में चोटिल भी हो चुके हैं।
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गड्ढा मुक्त करने का काम शुरू हुआ पर रुक गया
एक वर्ष पूर्व लोक निर्माण विभाग ने मझोला-ड्यूनी डैम मार्ग को गड्ढा मुक्त करने के लिए का ठेका दिया था। मगर ठेकेदार ने विभाग से सांठगांठ कर रेता की जगह रेतीली मिट्टी का इस्तेमाल कर मार्ग को गड्ढा मुक्त करने का काम शुरू किया। क्षेत्र के लोगों के विरोध के चलते ठेकेदार काम को अधूरा छोड़ चला गया। मगर क्षेत्र के लोगों को गड्ढा मुक्त मार्ग नसीब नहीं हुआ। लगभग एक माह पूर्व भी इसी मार्ग को गड्ढा मुक्त करने के लिए पैच लगाए गए मगर एक किलोमीटर तक पूरी तरह से गड्ढे नहीं भरे और काम रुक गया।
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क्या कहना है क्षेत्र के लोगों का
वर्ष 2012 के बाद मार्ग गड्ढा युक्त बन गया। मार्ग पर चलते समय खुद को गड्ढे से बचाना पड़ता है। मार्ग की हालत बहुत खस्ता है।
- जसपाल सिंह गोराया व्यापारी मझोला, निवासी मझारा फार्म
वर्षों से मार्ग क्षतिग्रस्त होने पर कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। किसी अधिकारी ने मार्ग बनवाने की जहमत नहीं उठाई।
- परमवीर सिंह पैरी, ग्राम प्रधान सूरजपुर
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अमरिया तहसील बनने के बाद इस पर मार्ग पर रोजाना सैकड़ों जरूरतमंदों का आना- जाना होता है। मगर जिला प्रशासन ने मार्ग की ओर ध्यान नहीं दिया।
- समीर, प्रधान जोशी कालोनी।
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