बिलसंडा। ग्राम पंचायत मीरपुर बिलासपुर में निर्माण के कुछ समय बाद ही गोशाला का फर्श क्षतिग्रस्त हो गया है। लाखों रुपये खर्च करके तैयार की गई बिल्डिंग के फर्श में पानी भरा रहता है। गोशाला में 33 गाय और पांच बछड़े मौजूद मिले। छाया के लिए तिरपाल था पर गायों के शरीर पर सर्दी से बचाव का इंतजाम नहीं नजर आया। गायों को सूखा भूसा मिल रहा है। न चोकर है। न हरे चारे का इंतजाम।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर अस्थायी गोशाला तो संचालित हो रही है, मगर मीरपुर बिलासपुर की हालत अत्यंत दयनीय है। गोशाला में पशुओं के लिए न हरा चारा है और न ही ठंड से बचाव के लिए इंतजाम हैं। सूखे भूसे के सहारे गोवंश है। कड़ाके की सर्दी में बचाव के लिए जारी पशुपालन विभाग की गाइडलाइन को भी अनदेखा किया जा रहा है। विभाग ने जिन व्यवस्थाओं को बताया। उनमें पशुओं को खुली जगह पर न रखने, रोशनदान, दरवाजों, खिड़कियों को टाट या बोरे से ढकने, पशुओं ताजा पानी पिलाने, बिछावन में पुआल का प्रयोग करने, पशुओं को सर्दी से बचाने के लिए जूट के बोरे पहनाने, पशुओं के पास अलाव जलाकर रखने आदि के नियम बताए गए हैं। इसके बाद भी ग्राम पंचायत मीरपुर बिलासपुर इन निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं हो पा रहा है।
गोशालाओं में पशुओं को सर्दी से बचाव और चारा पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश गए हैं। अगर मीरपुर बिलासपुर की पशुशाला में अव्यवस्था है, तो दिखवाया जाएगा और तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा। - प्रशांत श्रीवास्तव, सीडीओ