ट्रामा सेंटर के रैंप पर घिसटता मरीज। संवाद
पीलीभीत। जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर में व्यवस्थाएं दम तोड़ रही हैं। बेहतर संसाधन के दावों के बीच मरीज गर्मी में दोहरी मार झेल रहे हैं। यहां प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें व्हील चेयर, स्ट्रेचर और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। पंखे गर्म हवा फेंक रहे हैं और कूलर नदारद हैं। यहां पेयजल के इंतजाम तक अधूरे हैं। इस कारण यहां पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में लंबे समय बाद भी हड्डी रोग विभाग के लिए बने (ट्रामा सेंटर) में व्यवस्थाएं नहीं सुधर पाईं, जबकि प्रतिदिन यहां डेढ़ सौ से दो सौ तक मरीज पहुंचते हैं। बुधवार को पड़ताल के दौरान हड्डी संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए मरीज पहुंचे, लेकिन व्यवस्थाएं बेदम दिखीं।
बुधवार दोपहर लगभग 12:05 बजे ट्रामा सेंटर के बाहर कुर्सी आदि व्यवस्था नहीं होने से जमीन पर मरीज व तीमारदार बैठे दिखे। ओपीडी के बाहर दोपहर 12:13 बजे लंबी कतार के बीच मरीज जमीन पर बैठकर अपने नंबर का इंतजार करते देखे गए, जहां सीलिंग फैन की तो व्यवस्था दिखी, लेकिन गर्मी को देखते हुए ट्राॅमा सेंटर में कूलर आदि की इंतजाम नहीं मिले। पंखा भी गर्म हवा फेंक रहे थे।
कागजों में व्हील चेयर-स्ट्रेचर, रैंप पर घिसट रहे मरीज : वैसे तो कागजों में हड्डी रोगियों के लिए ट्राॅमा सेंटर में व्यवस्थाएं चकाचक हैं। मरीज को ओपीडी कक्ष तक लाने ले जाने के लिए व्हील चेयर-स्ट्रेचर तक की सुविधाएं हैं, लेकिन धरातल पर मरीजों की सहूलियत की कागजी व्यवस्थाएं दर्द बढ़ा रही हैं। स्ट्रेचर-व्हील चेयर नहीं होने की स्थिति में बुधवार को काफी मरीज रैंप के सहारे घिसटते दिखे। संवाद
ट्रामा सेंटर के रैंप पर घिसटता मरीज। संवाद
ट्रामा सेंटर के रैंप पर घिसटता मरीज। संवाद
ट्रामा सेंटर के रैंप पर घिसटता मरीज। संवाद
ट्रामा सेंटर के रैंप पर घिसटता मरीज। संवाद