पीलीभीत। छात्रा का सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का था। वर्ष 2020 में हाईस्कूल की परीक्षा ए ग्रेड से उत्तीर्ण की थी। अच्छे नंबरों से पास होने पर परिवार की लाडली बन गई थी। डॉक्टर बनने की इच्छा जताई तो पिता ने उसके सपनों को पंख लगाने के लिए स्कूल के साथ चार विषयों की कोचिंग भी लगवा दी। सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक स्कूल और कोचिंग की पढ़ाई करती थी।
घटना स्थल पर डबडबाई आंखों के आंसू पोछते हुए पिता ने बताया कि पुत्री पढ़ाई में बहुत अच्छी थी। सुबह से शाम तक बस पढ़ाई करती थी। शनिवार को भी मेरे ड्यूटी जाने के दौरान ही वह तैयार हो गई। बताया कि वे ड्यूटी पर गए और वह साइकिल से कोचिंग के लिए निकल गई। क्या पता था कि घर से निकलते ही दरिंदें उसे हवस का शिकार बना लेंगे। पुत्री पढ़ाई कर डॉक्टर बनना चाहती थी। उसकी इच्छा के अनुसार कोचिंग लगवाई थी। वह रोज शाम पांच बजे तक घर पहुंच जाती थी। किसी से कभी उसका झगड़ा भी नहीं हुआ था।
तीन भाई बहनों में बीच की थी छात्रा
छात्रा के बड़े भाई ने बताया कि बहन तीन भाई बहनों में बीच की थी। परिवार में सभी की लाडली थी। हमेशा पढ़ाई को लेकर सजग रहती थी। मगर ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। जो हमसे उसे छीन लिया।