प्रदेश के सभी जनपदों में जिलाधिकारियों को भेजे जाने के लिए बांसुरी स्वीकार करते जिलाधिकारी पुलक
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पीलीभीत। डीएम पुलकित खरे ने जनपद की पहचान एवं एक जनपद एक उत्पाद योजना में शामिल बांसुरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के समस्त 75 जिलों के डीएम को दिवाली पर बांसुरी भेंट की। साथ ही सहयोग मांगा है। उन्होंने कहा कि सभी डीएम अपने जनपदों में आयोजित होने वाले मेला, उत्सव और महोत्सव में पीलीभीत के बांसुरी कारीगरों को आमंत्रित करें। बांसुरी के स्टॉल लगवाएं। इसी उम्मीद से कारीगर इकरार मियां व अन्य कारीगरों द्वारा तैयार बांसुरियों को विभिन्न जनपदों में भेजा जा रहा है।
डीएम ने सभी जिलों के डीएम को शुभकामना संदेश लिखा है। इसमें कहा गया है कि एक जनपद-एक उत्पाद योजना के अंतर्गत बांसुरी का चयन किया गया है। जनपद परंपरागत रूप से बांसुरी नगरी के रूप में जाना जाता है। देश-विदेश में कान्हा की मुरली पीलीभीत के कारीगरों द्वारा अपने हुनर के सुरों से सजाकर भेजी जाती है। 200 से 250 कारीगर परिवारों की आजीविका सीधे तौर पर इससे जुड़ी है। अगर सभी जनपद जनपद में मेले, उत्सव, हाट-बाजार में पीलीभीत के बांसुरी कारीगरों को बुलाते हैं तो इसका प्रचार होगा और व्यापार भी बढ़ेगा।