पीलीभीत। डॉक्टर के एक माह के अवकाश पर जाने से जिला क्षय रोग (टीबी) अस्पताल के हालात खराब हैं। नियमित परामर्श के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी हो रही है। इसका कारण चिकित्सक से लेकर स्टाफ तक की यहां कमी है।
अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को सहायक स्टाफ परामर्श देकर लौटा दे रहे हैं। ऐसे में टीबी जैसी बीमारी में आधा-अधूरा इलाज मरीजों को मिल पा रहा है।
सोमवार को टीबी अस्पताल में इलाज को लेकर अव्यवस्थाएं हावी दिखी। अस्पताल के चिकित्सक कक्ष में कुर्सी खाली पड़ी थी। फाइल एक टेबल से दूसरी टेबल पर लेकर जाने वाला सहायक राकेश शर्मा मरीजों को परामर्श देते मिला। पूछने पर उन्होंने बताया कि चिकित्सक पारूल मित्तल 30 मई से एक माह की छु्ट्टी पर हैं, उनके एवज में सीएमओ कार्यालय को दूसरे चिकित्सक की उपलब्धता के लिए पत्र भेजा गया है।
मई के माह में एक्सरे टेक्नीशियन मुकेश के ट्रांसफर के बाद एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती नही हुई। जिससे मरीजों के एक्सरे नही हो रहे हैं। डार्क रूम सहायक आरती की फील्ड में डयूटी है।
इसलिए एक्सरे रूम में ताला पड़ा रहता है, कुछ मरीजों की इस वजह से एक्सरे जांच नही हो रही है। वहीं, सीबी नॉट मशीन की जांच करने वाले टेक्नीशियन भी फील्ड में होने के चलते मरीजों की जांचंे प्रभावित रहीं।
सीएमओ डाॅ. भुवन चंद्र पंत ने बताया कि टीबी अस्पताल में वर्तमान में एक माह के लिए चिकित्सक की उपलब्धता संज्ञान में नहीं है। जानकारी कर वैकल्पिक व्यवस्था करा दी जाएगी। संवाद