बीसलपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्र आशीष वर्मा की मौत पर राज बरकरार है। पुलिस और विभागीय जांच में कारण का खुलासा नहीं हो सका। विभागीय अधिकारी सत्यता जानने के लिए तीन दिन से विद्यालय में डेरा डाले हैं। वहीं आशीष के चाचा का दावा है कि आत्महत्या का राज विद्यालय में छिपा है, जबकि पिता का कहना है कि वह नाम लेकर किसी का भविष्य बर्बाद नहीं करना चाहते हैं।
जवाहर नवोदय विद्यालय के कक्षा 11 के छात्र लखीमपुर के कस्बा मोहम्मदी के मोहल्ला पूरबी लखपेड़ा निवासी आशीष वर्मा ने 15 फरवरी को दोपहर में छात्रावास में रस्सी के फंदे से लटककर जान दे दी थी। पोस्टमार्टम में मौत का कारण हैंगिंग आया है। पुलिस और विभागीय अधिकारियों ने उसी दिन से मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक आत्म हत्या की वजह सामने नहीं आई।
हकीकत की तह तक पहुंचने के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय समिति लखनऊ के सहायक निदेशक जनार्दन उपाध्याय तीन दिनों से विद्यालय में डेरा डाले पड़े हैं, लेकिन वे अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। हालांकि सहायक निदेशक द्वारा गठित टीम ने जांच पूरी कर जांच रिपोर्ट बुधवार को सुबह सौंप दी थी। शायद सहायक निदेशक टीम की जांच से संतुष्ट नहीं है और इसी वजह से वह स्वयं मामले की जांच कर रहे हैं। लेकिन जांच के संबंध में कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं हैं।
इस बाबत सीओ प्रशांत सिंह ने बताया कि पुलिस हर पहलू पर जांच पड़ताल कर रही है, लेकिन अभी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। बताया कि सहायक निदेशक की जांच पूरी होने पर उनकी जांच रिपोर्ट को भी पुलिस जांच में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी मृतक के परिजन काफी असहज हैं। सहज होने पर परिजन से पुलिस फिर बात करेगी। हो सकता है कि दोबारा बात करने पर परिजन पुलिस को कोई अहम जानकारी दे सकें। मृतक के पिता संजय वर्मा ने रुंधे गले से बताया कि अब वह इस मामले में विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों का नाम लेकर उनका भविष्य बर्बाद करना नहीं चाहते हैं। उनके नसीब में जो था वह हो गया।
आत्महत्या का राज विद्यालय में ही छुपा हुआ है। विद्यालय स्टाफ के लोग परिजन और पुलिस से कुछ छिपा रहे हैं। घटना के दिन 15 फरवरी को विद्यालय स्टाफ के लोग आशीष का मोबाइल फोन एक मिनट के लिए देखने को मांगा था, लेकिन स्टाफ वालों ने यह कहकर फोन नहीं दिया। आशीष की आत्महत्या के तार पूरी तरह से विद्यालय से ही जुड़े हैं।
सुशील वर्मा, आशीष के चाचा
फोरेंसिक लैब की जांच में खुल सकते हैं कुछ राज
आशीष का मोबाइल फोन 13 फरवरी को वार्डन ने जब्त किया था। आशीष ने दो दिन बाद 15 फरवरी को आत्म हत्या की है। मोबाइल फोन से इस घटना का क्या लिंक है? पुलिस इस सवाल पर जांच कर रही है। पुलिस ने मोबाइल फोन को कब्जे में लिया है और अब इसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब मुरादाबाद भेजा जा रहा है। क्योंकि फोन लॉक था और खुल नहीं पा रहा था। फोन न खुलने की वजह से पुलिस यह जांच नहीं कर सकी कि इसमें लास्ट कॉल किससे हुई। व्हाट्सएप पर क्या चैट हुई थी? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस ने मोबाइल फोन खुलवाने और पूरा डाटा रिकवर कराने की तैयारी की है। अगर कुछ बात होगी तो सामने आएगी जरूर। जांच रिपोर्ट करीब एक महीने में मुरादाबाद से आने की उम्मीद है।
आशीष ने आत्म हत्या की थी। इतनी बात तो अब तक की जांच में साफ हो गई लेकिन आत्म हत्या क्यों की? वजह को तलाशने के लिए पुलिस की जांच चल रही है। सीओ छानबीन कर रहे हैं। मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए मुरादाबाद भेजा गया है। वहां उसका डाटा भी रीकवर कराएंगे ताकि हकीकत की तह तक पहुंच सकें।
दिनेश कुमार पी, पुलिस अधीक्षक