पूरनपुर(पीलीभीत)। नदहा पुलिया के पास मरणासन्न हालत में मिले गांव रंपुरा कोन गुरद्वारे के ग्रंथी हरविंदर सिंह की हत्या की साजिश उनकी पत्नी ने अपने प्रेमी गांव रंपुरा कोन निवासी कुलदीप सिंह उर्फ सोनी के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए ग्रंथी की पत्नी गुरजीत कौर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने प्रेम-प्रसंग में बाधक बनने की वजह से ग्रंथी की हत्या कराए जाने की बात भी स्वीकारी है।
घटना एक मार्च, शनिवार शाम गांव कढेरचौरा से गांव रंपुरा कोन जाने वाले मार्ग पर नदहा पुलिया के समीप हुई थी। बेहोशी की हालत में लहूलुहान पड़े मिले ग्रंथी को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया था। उनका इलाज बरेली के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। ग्रंथी की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
ग्रंथी की पत्नी गुरजीत कौर ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उनके पति तीन साल से गांव के गुरुद्वारा में ग्रंथी हैं। रविवार शाम करीब सात बजे कढेरचौरा से वापस गांव रंपुरा कोन जा रहे थे। नदहा वाली पुलिया के समीप उनको जान से मारने की नीयत से हमला किया गया।
छह माह से चल रहा था प्रेम-प्रसंग, ग्रंथी ने जताई थी नाराजगी
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस घटना के खुलासे में जुटी थी। सर्विलांस से पुलिस को सफलता हासिल हुई। कोतवाल पवन कुमार पांडेय ने बताया कि ग्रंथी की पत्नी का प्रेम-प्रसंग करीब छह माह से कुलदीप सिंह से चल रहा था। इसकी भनक लगने पर ग्रंथी हरविंदर ने विरोध किया और नाराजगी जताई थी। इस पर पत्नी ने प्रेमी के मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के तहत ही गुरजीत कौर ने घटना के दिन शाम को पति को सामान लेने गांव कढेरचौरा भेजा था। साथ ही इसकी जानकारी प्रेमी कुलदीप को दी थी।
रास्ते में घेरकर किया बरमा से प्रहार
कुलदीप ने अपने साथी राकेश के साथ गांव कढेरचौरा पहुंचा। कढेरचौरा में तीनों को एक साथ घूमते देखा गया था। ग्रंथी के बाइक से गांव रंपुरा कोन लौटते समय रास्ते में कुलदीप ने राकेश के साथ उसे रास्ते में घेर लिया। जान से मारने की नीयत से उसपर लोहे के बरमा (मिट्टी खोदाई का उपकरण) से प्रहार कर घायल कर दिया। ग्रंथी को मरा समझकर दोनों मौके से भाग गए थे। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे का बरमा बरामद कर शनिवार को ग्रंथी की पत्नी गुरजीत कौर, उसके प्रेमी कुलदीप सिंह और राकेश को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया। तीनों को जेल भेज दिया गया है।
चंदा एकत्र कर ग्रंथी का कराया जा रहा इलाज
घायल ग्रंथी की हालत गंभीर बनी हुई है। उनका बरेली के निजी अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। ग्रंथी की माली हालत ठीक न होने पर क्षेत्र की संगत से सहयोग से चंदा एकत्र कर उनका इलाज कराया जा रहा है। शनिवार को घटना का खुलासा हो जाने पर कोतवाली में सिख समाज के लोगों की भीड़ लगी रही।