फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एससी-एसटी आयोग में पांच जनपदों से आईं गंभीर शिकायतें : डॉ. रामबाबू हरित

विज्ञापन
डॉ रामबाबू हरित। संवाद - फोटो : PILIBHIT
विज्ञापन
पीलीभीत। उत्तर-प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामबाबू हरित ने कहा कि प्रदेश के कुछ जिलों से गंभीर मामले आयोग पहुंचे जिनकी जांच कराई गई। इसमें शाहजहांपुर, आजमगढ़, आगरा, औरेया, इटावा शामिल हैं। जांच में जो मामले सही पाए गए उनमें कार्रवाई कराई गई है।
विज्ञापन

वह सोमवार को शहर पहुंचे थे। कई कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद गांधी स्टेडियम के प्रेक्षागृह में पत्रकारों से बात कर रहे थे। बातचीत के दौरान अध्यक्ष ने पीड़ित पक्ष को मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर की। वह बोले कि सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली आर्थिक सहायता सक्षम अधिकारी समय से पीड़ितों को नहीं दिलाते। इस तरह की दर्जनों शिकायतें मिली हैं। आयोग के हस्तक्षेप के बाद 85 मामलों का निस्तारण कराते हुए 1,28,91,250 रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और पिछड़ों की ओर से उत्पीड़न की ज्यादातर शिकायतें सवर्ण वर्ग के खिलाफ आती हैं। जांच में कई मामले सही भी साबित हुए। वहीं आयोग में पहुंचने वाली तमाम शिकायतें फर्जी निकलीं या छोटे मोटे आपसी विवाद की थीं।
बहकावे में आकर कर देते हैं शिकायत
सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए बोले कि सरकार पिछड़ों को मुख्य धारा से जोड़ने में कामयाब हो रही है। सभी वर्गों का विकास हो रहा है। एक सवाल के जवाब में हरदोई का उदाहरण देते हुए बोले कि वहां एक घर बिकाऊ का पोस्टर लगाकर आयोग में शिकायत की गई जबकि मामला आपसी हिस्सेदारी का था। पुलिस और वकीलों को घेरते हुए बोले कि इन लोगों के बहकावे में आकर लोग एससी एसटी आयोग में शिकायत कर देते हैं। बीते छह माह में ही 2120 मामले ऐसे थे जो मामूली कहासुनी के थे। गांव में प्रधान चुनाव हार जाता तो विरोधियों को फंसाने के लिए झूठी शिकायतें कराते हैं। वह आगे बोले कि शिकायत भेजने का माध्यम आसान किया है। शिकायतकर्ता फैक्स, मेल, फोन, व्हाट्सएप से भी दर्ज करा सकते हैं।
विज्ञापन

माहौल देखकर ही टिकट होगा फाइनल
आने वाले यूपी विधानसभा चुनाव में अनुसूचित और पिछड़े उम्मीदवारों के सवाल पर बोले कि जहां जैसा माहौल होगा वहां उसी आधार से पार्टी टिकट करेगी। फिलहाल बीजेपी सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है। कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें