पीलीभीत। होटल और लॉज के कारोबार से जुड़े उन कारोबारियों के लिए प्रशासन से अच्छी खबर नहीं है। जिन होटल और लॉज मालिकों ने सराय एक्ट की धारा-3 के तहत अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, प्रशासन की ओर से उनको नोटिस भेजकर रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए हैं।
जनपद में 87 होटल, गेस्टहाउस और लॉज है। शहर में इन प्रतिष्ठानों में करीब 81 होटलों का सराय एक्ट के तहत पंजीकरण नहीं है। सरकार का मानना है कि ऐसे होटल संचालक लाखों रुपये के राजस्व का सीधा चूना लगा रहे हैं। होटल या गेस्टहाउस में यदि किसी कमरे का किराया एक हजार रुपये या इससे अधिक है, तो ऐसे में होटल कारोबारी को उस पर पांच प्रतिशत टैक्स देना होता है। बगैर पंजीकरण होटल और लॉज मालिक यह रुपये बचा लेते हैं। वह सीधे-सीधे सरकार के राजस्व की चोरी करते हैं। हाल ही में शासन ने बिना पंजीकरण कर रहे होटल, लॉज और गेस्टहाउस का सराय एक्ट के तहत पंजीकरण कराने का फरमान जारी किया है। इधर, प्रशासन ने शहर के 26, बीसलपुर के 34, अमरिया के छह और पूरनपुर के 15 होटल संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। होटल मालिकों को निर्धारित समयावधि एक सप्ताह के भीतर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में साथ ही समय से रजिस्ट्रेशन न कराने वालों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है।
क्या है सराय एक्ट
सराय 1967 की धारा-3 के अंतर्गत किसी भी ऐसे होटल, गेस्टहाउस, सराय एवं प्रतिष्ठान जहां यात्री रात्रि विश्राम के लिए भुगतान के आधार पर ठहरा करते हैं, ऐसे समस्त प्रतिष्ठानों का उक्त धारा के अंतर्गत पंजीकरण होना आवश्यक है। यदि कोई भी होटल प्रतिष्ठान बिना सराय एक्ट पंजीकरण के संचालित होता है तो सराय एक्ट अधिनियम के अंतर्गत उस प्रतिष्ठान के विरुद्ध दंडनीय कार्रवाई की जा सकती है।
सभी होटल कारोबारियों को सराय एक्ट के तहत पंजीकरण अनिवार्य हैं। बिना पंजीकरण संचालित किए जा रहे होटलों को नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित समय में पंजीकरण न कराने पर कार्रवाई की जाएगी।
अतुल सिंह, एडीएम, वित्त एवं राजस्व