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कोविड वैक्सीन बीमारी में भी संजीवनी, बच्चों के टीकाकरण से घबराएं नहीं

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डॉ. डीएस यादव - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। अगर आपका बच्चा किडनी, लिवर, हृदय, टीबी या पीलिया जैसी बीमारी से ग्रस्त है और इलाज चल रहा, आप उसे कोविड से बचाव का टीका लगवाने से बच रहे हैं तो ऐसा न करें। आप बेझिझक अपने बच्चे को वैक्सीन लगवाएं। ये टीका उसकी सेहत के लिए संजीवनी साबित होगा। हां, बस इतना जरूर ध्यान रखें कि अगर बच्चे को खांसी, बुखार, जुकाम जैसी समस्या है तो इन बीमारियों के ठीक होने के बाद टीका लगवाएं। इसके अलावा अगर गंभीर बीमारी है तो डॉक्टर का परामर्श लेकर ही टीका लगवाएं। इन दिनों 12-14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण का चल रहा है। ऐसे में डॉक्टर भी अभिभावकों को जागरूक भी कर रहे हैं। इससे टीकाकरण की रफ्तार और बढ़ने की उम्मीद है।
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सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि जिले में 12 से 14 साल के बच्चों के टीकाकरण की रफ्तार बहुत धीमी थी। अब टीकाकरण तेजी पकड़ रहा है। बुधवार को पूरे जिले में 1326 बच्चों को कोविड की पहली डोज लगी। उन्होंने बताया कि इन दिनों पल्स पोलियो अभियान चल रहा है जिस कारण वैक्सीनेशन थोड़ा कम हो रहा है। जल्द पूरे जिले में अभियान चलाकर बच्चों का कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण कराया जाएगा। फिलहाल प्रतिदिन टीका लगवाने वाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है।
आज का टीकाकरण
पहला डोज- 1019
दूसरा डोज- 3021
12 से 14 साल- 1326
15 से 17 साल- 679
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किसी बीमारी के इलाज के दौरान भी लगवा सकते हैं बच्चे को कोविड का टीका
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीएस यादव कहते हैं कि बारह साल से ऊपर के बच्चे या किशोर किसी बीमारी से ग्रस्त हैं और दवा खा रहें हैं तो वह बेझिझक कोविड का टीका लगवा सकते हैं। बशर्ते उस वक्त वह खांसी, बुखार, जुकाम, सर्दी न हो। लिवर, हृदय, टीबी, पीलिया या अन्य किसी तरह की बीमारी है तो कोविड का टीका लगवा सकते हैं। अगर बच्चा गंभीर बीमार है, चलने फिरने में असमर्थ है तो ऐसी स्थिति टीका न लगवाएं। अगर बच्चा किसी बीमारी से जूझ रहा है तो कोविड का टीका जरूर लगवाएं। ये उसकी सेहत के लिए फायदेमंद साबित होगा।
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त्वचा संबंधी बीमारी है तब भी लगवा सकते हैं टीका
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंह गंगवार भी खांसी, जुकाम, सर्दी, बुखार को छोड़कर बाकी बीमारी होने के दौरान बच्चों को कोविड का टीका लगवाने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि बीमारी में बच्चों की रोग प्रतिरोधकता कम हो जाती है। कोरोना वायरस उन लोगों को जल्दी चपेट में ले लेता है जिनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसलिए बीमारी के दौरान बच्चों को टीका लगवाने में डरने की जरूरत नहीं। बच्चा गंभीर बीमार न हो। अगर त्वचा संबंधी कोई बीमारी है तब भी टीका लगवा सकते हैं।
बच्चा बीमार है तो वैक्सीन और जरूरी हो जाती है
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर के अनुसार अगर बच्चा किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है और उसका इलाज चल रहा है तो कोविड वैक्सीन लगना और जरूरी हो जाता है। टीका लगने के दौरान सर्दी, बुखार और जुकाम जैसी दिक्कत हो। कोविड वैक्सीन इम्यूनिटी बढ़ाती है। बीमारी के दौरान इम्यूनिटी ही सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। मां-बाप भी जागरूक हों। कई लोग सोचते हैं कि बच्चा का इलाज चल रहा है टीका बाद में लगवाएंगे। ये सोचना गलत है। वैक्सीन लगने से बच्चे को लाभ ही मिलेगा।

डॉ. रमाकान्त सागर- फोटो : PILIBHIT

जिला अस्पताल के टीकाकरण केन्द्र पर वैक्सीन की डोज लेता स्कूली छात्र। (फाइल)- फोटो : PILIBHIT

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