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परिषदीय विद्यालयों की हालत देख भावुक हुआ रोटरी क्लब, वहां पढ़ने वाले बच्चों को वितिरण करेंगे जूते और चप्पल

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रोटरी क्लब के अध्यक्ष डॉ. एस पी एस सिंधू - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। कोरोना काल के बाद खुले परिषदीय विद्यालयों में तमाम छात्र-छात्राएं बिना जूते-चप्पल के स्कूल पहुंच रहे हैं। न तो उन्हें किताबें मिली है और न ही बस्ता। ऐसे में यह नन्हें मुन्ने बच्चे टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। इस मुद्दे की पड़ताल करते हुए मौके के हालात को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। रोटरी क्लब के पदाधिकारियों ने हालात का संज्ञान लेते हुए अफसोस जताया। साथ ही परिषदीय स्कूल में पढने वाले इन बच्चों को अपनी तरफ से जूते चप्पल मुहैया कराने का निर्णय लिया है। रोटरी क्लब के पदाधिकारियों का कहना है कि यह बच्चे देश का भविष्य हैं। इनकी चिंता करने का दायित्व हमारा है।
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बेसिक शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए शासन हर साल करोड़ों पर रुपये खर्च करता है, मगर इसके बाद भी बेसिक स्कूलों की स्थिति नहीं सुधार पा रही है। आज भी बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। वह स्कूल में बिना यूनिफॉर्म, जूते-चप्पल और थैले में पुरानी किताबे लेकर पहुंच रहे हैं। शनिवार को मौके की पड़ताल करते हुए पैरों में जूते नहीं बोरे को बनाया बस्ता शीर्षक के साथ खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। रोटरी क्लब के अध्यक्ष डॉ. एसपीएस संधू और उनकी कार्यकारिणी इन हालातों को देखकर भावुक हो गई। साथ क्लब के सदस्यों ने परिषदीय स्कूलों में बच्चों को अपनी तरफ से जूते चप्पल वितरित करने फैसला लिया है। अध्यक्ष डॉ. एसपीएस संधू ने बताया कि रोटरी क्लब स्थापना के स्वर्ण जंयती वर्ष पर बच्चों के लिए जूते चप्पल उपलब्ध कराएगा।
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