पूरनपुर। अवैध शराब की सूचना पर रविवार शाम थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव रानीगंज में छापा मारने पहुंची पुलिस टीम की ग्रामीणों ने पिटाई कर दी। पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस से छुड़ा लिया। खींचतान के दौरान पुलिस ने एक युवती की पिटाई कर दी। इसका कुछ लोगों ने वीडियो बना लिया। पिटाई पर एसएसआई समेत चार पुलिस कर्मियों के गुम चोटें आई। पुलिस कर्मियों ने सोमवार को सीएचसी पहुंचकर मेडिकल कराया। पुलिस ने दो सगे भाइयों सहित तीन को नामजद कर पांच अन्य पर बलवा, गाली-गलौज कर मारपीट करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज की है।
घटना सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव रानीगंज में रविवार शाम साढ़े चार बजे की है। एसएसआई अमित कुमार पाल के नेतृत्व में हेड कांस्टेबिल महावीर सिंह, कांस्टेबिल रोहित, अभिषेक गौड़ बाइकों से गांव रानीगंज में अवैध शराब की सूचना पर गांव निवासी महेंद्र और रंजीत के घर जा धमके। पुलिस ने दोनों को घर के बाहर बुलाकर पकड़ लिया। दोनों पुलिस कर्मियों को गालियां देने लगे और शोर-शराबा शुरू कर दिया। शोर-शराबा पर लाठी, डंडे लेकर पहुंचे लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर पकड़े गए लोगों को छुड़ा लिया। आरोपी छूटते ही मौके से भाग गए। बाद में खींचतान मची तो पुलिस कर्मियों ने एक युवती की जमकर पिटाई कर दी। इसका वीडियो कुछ लोगों ने बना लिया। मारपीट में एसएसआई और तीनों पुलिस कर्मियों के गुम चोटें आई। चारों पुलिस कर्मियों ने सोमवार को सीएचसी पहुंचकर मेडिकल कराया। पुलिस ने एसएसआई अमित कुमार पाल की ओर से महेंद्र, उसके भाई रंजीत, रामगुनी और चार, पांच अज्ञात पर बलबा, गाली-गलौज कर मारपीट करने, सरकारी कार्य मेें बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज की है। एसएसआई अमित कुमार पाल ने बताया कि पुलिस की ओर से युवती की पिटाई का आरोप निराधार है। पुलिस को तो अपनी जान बचानी मुश्किल पड़ गई थी।
सेहरामऊ के कई गांवों में है अवैध शराब के अड्डे
पूरनपुर। सर्किल के कई गांवों में अवैध शराब का धंधा होता है। सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के केसरियापुर, पिपरा, रानीगंज, सुल्तानपुर, गुलापुर, सोंधा, नजीरगंज, जहूरगंज सहित कुछ अन्य गांवों में अवैध शराब का धंधा होता है। शाम होते ही अवैध शराब खरीदने और पीने वालों की भीड़ लगती है।
आबकारी टीम के साथ हुई घटना से पुलिस ने नहीं लिया कोई सबक
पूरनपुर। सेहरामऊ थाना क्षेत्र में पखवाड़ा भर पहले अवैध शराब की सूचना पर छापा मारने पहुंची आबकारी टीम को ग्रामीणों ने पीटा, घसीटा और वर्दी फाड़ी थी। अगर पुलिस इस घटना से सबक लेकर पूरे इंतजाम से छापा मारने पहुंचती। तब पुलिस की पिटाई और आरोपियों को छुड़ाने की घटना शायद न हो पाती है। पुलिस बाइकों पर ही सवार होकर छापा मारने को पहुंची थी।
आबकारी निरीक्षक दीपेंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में आबकारी टीम दो जनवरी को सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव फत्तेपुर खुर्द में अवैध शराब की शिकयत पर छापा मारने रिंकू कश्यप के घर गई थी। रिंकू के घर के दरवाजे पर पहुंचने पर टीम के पहुंचने पर रिंकू उसके भाई नीरज, अर्जुन गाली गलौज करने लगे थे। कुछ ही देर में 40-50 लोग एकत्र हो गए थे। विरोध करने पर आबकारी टीम को धक्का देकर घर में खींच लिया गया था। दरवाजा बंद कर बंधक बनाकर टीम की पिटाई की थी। हेड कांस्टेबिल त्रिलोचन सिंह को इतना पीटा था कि उसका जबड़ा नहीं खुल रहा था। सिपाही फिरोज खान के भी चोटें आई थीं। दोनों की वर्दी फाड़ी गई। खींचतान में आबकारी निरीक्षक की भी जाकेट फट गई थी।
एसडीएम, सीओ को काल करने पर करीब डेढ़ घंटे बाद पहुंची पुलिस ने आबकारी टीम को बमुश्किल ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाया था। पखवाड़ा भर में अवैध शराब पकड़ने गई पुलिस से मारपीट की गई। अगर पुलिस आबकारी टीम के साथ हुई घटना से सबक लेती। तब शायद पुलिस की पिटाई और आरोपी छुड़ाने की घटना को रोका जा सकता था।