पीलीभीत। दुष्कर्म के आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की तीन टीमों को लगाया गया था। इसके बाद भी पुलिस की आंखों में धूल झोंक आरोपी ने बुधवार को कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल कर दी और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लग गए हैं।
सेक्स रैकेट के आरोपी प्रोफेसर को पकड़ने में पुलिस की कार्यशैली पर शुरू से ही सवालिया निशान लग गया था। पहले छात्रा की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी करती रही। इसके बाद पुलिस ने 20 नवंबर की रात पौने 11 बजे रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, मगर आरोपी को पकड़ने का प्रयास तक नहीं किया। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को सुबह सवा दस बजे कॉलेज पहुंचकर कुछ देर जानकारी की। मगर आरोपी के कक्ष की तलाशी लेने की जहमत तक नहीं उठाई। बाद में एसपी के निर्देश पर आरोपी को पकड़ने के लिए तीन टीमों को लगाया गया। एक टीम शहर में ही आरोपी को खोजती रही और बाकी टीमें आरोपी के गृह जनपद रामपुर के अलावा बरेली और मुरादाबाद में दबिश देती रही। मगर दो दिन तक पुलिस के हत्थे आरोपी नहीं लग सका। इसी दौरान आरोपी ने बुधवार को पीलीभीत पहुंचकर आसानी से कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल कर दी। इससे पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लग गया है। पुलिस इतने गंभीर मामले में गंभीरता नहीं दिखाई, तो अन्य मामलों में पुलिस की क्या कार्यशैली होगी। इस बात की बुधवार को लोगों में खूब चर्चाएं रही।
दो दिसंबर को होगी सुनवाई
पीलीभीत। महिला डिग्री कॉलेज में सेक्स रैकेट चलाने वाला आरोपी प्रोफेसर गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट पहुंच गया है। उसने जिला जज सुधीर कुमार की अदालत में अग्रिम जमानत दाखिल कर दी है। इस पर दो दिसंबर को सुनवाई होगी। अग्रिम जमानत अर्जी में आरोपी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को फर्जी बताया है।