पीलीभीत। शहर के असम चौराहे पर बन रहे फ्लाईओवर निर्माण कार्य की रफ्तार धीमी है। जबकि, मियाद तेजी से आगे बढ़ती जा रही है। शासन और प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद अब तक नौगवां पकड़िया के इस्लामनगर क्षेत्र में फाउंडेशन कार्य अधूरा है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। जगह-जगह बिखरा मलबा और टूटी सड़कें राहगीरोंं के लिए मुश्किलें बढ़ा रहीं हैं।
शहरवासियों को सुगम यातायात और जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से इस ओवरब्रिज को स्वीकृत मिली थी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति ने उम्मीदों को निराशा में बदल दिया है। वर्ष 2020 में शासन ने 650 मीटर लंबे ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी दी थी, इसके लिए 98 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था।
वर्ष 2022 में आगरा की कार्यदायी संस्था गिरिराज जी इंफ्रा ने निर्माण कार्य शुरू कराया था। कार्य की धीमी रफ्तार और कुछ अड़चनों के कारण निर्माण को पूरा नहीं किया जा सका। नतीजतन तीन बार कार्य की समय अवधि बढ़ाई गई, बावजूद इसके कार्य पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है।
वर्तमान स्थिति यह है कि ओवरब्रिज के दायरे में नौगवां के इस्लामनगर क्षेत्र में अब तक फाउंडेशन का कार्य तक शुरू नहीं हो सका है। करीब 50 मीटर दायरे में फाउंडेशन न बनने से जगह-जगह मलबा फैला है। इससे अव्यवस्थाएं हावी हैं।
तीन बार बढ़ चुकी समय अवधि
वर्ष 2020 में मंजूर हुई इस परियोजना के निर्माण की समय अवधि तीन बार बढ़ चुकी है। पहली समय सीमा जून 2024 तय की गई थी, जो समय पर पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद दिसंबर 2024 तक की मियाद बढ़ाई गई, लेकिन तब भी काम अधूरा रहा। तीसरी बार अक्तूबर 2025 तक की अवधि बढ़ाई गई थी, मगर यह समय सीमा भी पूरी होने से पहले ही खोखली साबित होती दिख रही है। फिर समय बढ़ाने को पत्राचार किए गए हैं। अब भी करीब 20 प्रतिशत काम अधूरा है और निर्माण क्षेत्र में अव्यवस्था बनी हुई है।
वर्जन
ओवरब्रिज का कार्य तेजी के साथ पूरा किया जा रहा है। नौगवां पकड़िया इस्लामनगर क्षेत्र में ही कार्य चल रहा है। समय अवधि को अक्तूबर से नवंबर तक के लिए करने के लिए पत्राचार किए गए हैं। - तरुण बनर्जी, प्रोजेक्ट हेड
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असम चौराहा पर जोखिम भरा सफर, हादसों में जा रही जान
असम चौराहा पर बन रहे ओवरब्रिज का अधूरा निर्माण राहगीरों के लिए मुसीबत बना हुआ है। टूटी सड़क और बेतरतीब पड़ी निर्माण सामग्री के चलते हर समय हादसे का खतरा रहता है। तीन मुख्य मार्गों का जुड़ाव होने के चलते करीब 10 हजार वाहन रोजाना चौराहा क्षेत्र से गुजरते हैं। इसमें भारी वाहन भी शामिल हैं। चार मई को बीसलपुर की ओर से आ रहे बाइक सवार दंपती और मासूम बेटी असम चौराहे पर ट्रक की चपेट में आ गए। हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई थी। जबकि पति बाल-बाल बच गए थे। इसके अलावा कई बाइक सवारों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आती रहीं हैं।