नदी के दाए किनारे पर लगाए जा रहे रेत भरे बोरे।
- फोटो : PILIBHIT
कलीनगर। बाढ़ नियंत्रण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भले ही तमाम दावे किए जा रहे हो, लेकिन धरातल पर हकीकत परे हैं। नदी का जलस्तर बढ़ते ही भूढ़ा गोरख डिब्बी क्षेत्र में शारदा नदी के दाएं किनारे पर स्थित ठोकर संख्या 25 पर कराया गया जिओ ट्यूब का कार्य नदी की भेंट चढ़ गया। अब नदी के खतरे को देखते हुए अभियंताओं ने बोरों मे रेत भरकर लगाने का कार्य शुरू कराया है। फिलहाल ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई हैं।
तहसील क्षेत्र के कई इलाकों में पिछले साल शारदा नदी ने तबाही मचाई थी। नगरिया खुर्द कला क्षेत्र में शारदा नदी के दाए किनारे पर बूढ़ा गोरख डिब्बी गांव स्पर संख्या 19 से लेकर 26 तक को क्षतिग्रस्त किया था। स्पर संख्या 25 को काफी नुकसान पहुंचाया था। खतरे को देखते हुए इस बार शारदा सागर खंड की ओर से ठोकर संख्या 25 के ऊपरी और निचले भाग में जिओ ट्यूब लगाए।
नोज को भी मजबूत किया गया। लेकिन कार्य को जल्दबाजी में करने के चलते गुणवत्ता की अनदेखी की गई। नतीजा यह रहा कि शारदा नदी में बाढ़ अभी नहीं आई और नोज पर डाले गए जिओ ट्यूब में से एक जिओ ट्यूब नदी की भेंट चढ़ गया। कार्य को मजबूत कराने के लिए अब बोरों में रेत भरकर नोज पर लगाने का शुरू किया है। ऐसे में बाढ़ के समय ठोकर को सुरक्षित बचा पाना चुनौती माना जा रहा है। वहीं, स्थिति को देखकर ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ने लगी हैं। ग्रामीण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
विभाग की ओर से कराए जा रहे कार्य में गड़बड़ी हावी रही। इसको लेकर लगातार कहा भी गया, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया। अभी बाढ़ आई भी नहीं लेकिन एक जिओ ट्यूब नदी की भेंट चढ़ गया। - सुशांत ढाली, भूड़ा गोरख डिब्बी
अभियंताओं की ओर से यहां पर कोई भी बाढ़ नियंत्रण कार्य सही नहीं कराए हैं। सिंचाई विभाग के बड़े अफसरों से शिकायत भी की गई। मनमानी तरीके से कार्य कराए जाने से खतरा बढ़ रहा है। - रंजीत मंडल, भूढ़ा गोरख डिब्बी
नदी ने पिछले साल कई ठोकरें क्षतिग्रस्त की थी। अब कार्य शुरू कराया गया, योजना स्थल के निकट से ही रेत निकालकर कार्य में लगाई गई। अभी बाढ़ नहीं आई, स्थिति खराब होने लगी। - चितरंजन बारोई, भूढ़ा गोरख डिब्बी