पीलीभीत। दरिंदगी की शिकार हुई छात्रा के घर हमदर्दी जाहिर करने के लिए रिश्तेदारों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा सामाजिक संगठनों के लोगों का पहुंचना जारी है। पीड़ित परिवार ही नहीं पूरे प्रदेश के लोगों की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकीं हैं। मगर छात्रा की लाश मिलने के 72 घंटे बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। मंगलवार रात में 11 बजे घटना के 72 घंटे पूरे हो गए पर अभी तक पुलिस को यही नहीं पता है कि घटना को किसने अंजाम दिया। अलबत्ता शक के आधार पर 23 लोगों को पुलिस ने पकड़ा है और पूछताछ जारी है।
बरेली जोन के आईजी रमित शर्मा ने वारदात स्थल से ढाई किलोमीटर दूर चीनी मिल के गेस्ट हाउस में खुलासे के लिए टीमों में शामिल कुछ अधिकारियों और थाना प्रभारियों से बातचीत करके खुलासे के लिए बिंदु तलाशे हैं। उन्होंने पीलीभीत के साथ बरेली की एसओजी टीम को लगाया है। शासन के आदेश पर वह खुद घटना को लेकर चल रही जांच पड़ताल और पुलिस कार्रवाई की पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। शाहजहांपुर और बरेली के कुछ थाना प्रभारियों को घटना के खुलासे के लिए जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस की सात टीमें पहले ही लगी हैं लेकिन अभी तक ऐसा कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे अपराधियों को पकड़ा जा सके।
खुलासे के लिए बिना वर्दी भी लगाए गए पुलिस वाले
घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस वालों को बिना वर्दी के लगाया गया है। वे आम आदमी की तरह पीड़िता के गांव में घूम रहे हैं। हर पहलू की छानबीन कर रहे हैं। आम आदमी से लेकर खास आदमी तक से बातचीत की जा रही है। पुलिस को इसी बातचीत से सुराग मिलने की उम्मीद लग रही है। इसी बीच पीड़िता की सहेलियों के घर तक भी पुलिसकर्मियों ने जाकर पूछताछ और छानबीन की है। जो छात्र और छात्राएं शनिवार को कोचिंग और स्कूल से गैरहाजिर थे। स्कूल भी नहीं गए। ऐसे विद्यार्थियों की सूची उनके शिक्षकों से ली गई है। कुछ मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया गया है।
विधायक ने गृहसचिव से की बात, आज करेंगे मुलाकात
शहर विधायक संजय सिंह गंगवार ने मंगलवार को दोपहर बाद प्रदेश के गृह सचिव अवनीश कुमार अवस्थी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने मीडिया को बताया कि घटना का खुलासा होगा। पीड़ित परिवार को हर हालत में न्याय दिलाएंगे। साथ ही बुधवार को लखनऊ में गृह सचिव से मुलाकात करेंगे।