पीलीभीत। दुष्कर्म पीड़िता बेटी वारदात की सुबह तक बिल्कुल सामान्य थी। परिजन को उसने ऐसा कोई आभास कभी नहीं दिया कि जिससे पता चलता कि उसे किसी सहपाठी या बाहरी युवक से कोई परेशानी हो रही है। कोई लड़का उसे परेशान कर रहा है। ऐसे में अब यह सवाल तो उठ ही रहा है कि वह कौन है जिसने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया। इसके पीछे गांव का कोई युवक है या बाहरी लोग हैं। छात्रा शनिवार को पौने सात बजे घर से निकली और रात में 11 बजे घर से मात्र 500 मीटर दूरी पर ही गन्ने के खेत में उसकी लाश मिली। अगर वारदात का स्थल गन्ने के खेत को ही माना जाए तो मात्र 500 मीटर दूरी पर अपराधियों ने उसे अपने कब्जे में लिया और मुंह में कपड़ा ठूंस कर दुष्कर्म किया और गला घोंट कर मार दिया। इस मामले में जांच और खुलासे के लिए पुलिस की सात टीमें लगी हैं। अधिकारी परिजन से भी बेटी के बारे में जानकारी ले रहे हैं। यह सवाल बार-बार पूछा जा रहा है कि किसी से कोई रंजिश तो नहीं थी। छात्रा के पिता ने पुलिस को अवगत कराया है कि किसी से कोई रंजिश नहीं थी। बिना किसी ठोस वजह के किसी का नाम कैसे ले लें। वह यही कह रहे हैं कि पुलिस अपने हिसाब से जांच करके घटना का खुलासा करे।
संतुष्ट तो तभी होंगे जब अपराधियों को फांसी हो
हमारी गांव में कोई रंजिश नहीं थी। घटना को अंजाम देने वाले लोग कौन हैं? हम नहीं जानते लेकिन जो भी हों उन्हें पुलिस पकड़े और उन्हें फांसी दी जाए। यही एक मात्र हमारी मांग है। घटना से मेरा पूरा परिवार सदमे में है। हम तभी संतुष्ट होंगे जब अपराधी गिरफ्तार हों और उन्हें फांसी पर लटकाया जाए। हमने अपनी इस मांग से शासन-प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया है। यह भी कहा कि कोई निर्दोष फंसे न, दोषी छूटे न।
- छात्रा के भाई का बयान