पीलीभीत। बराही रेंज में दो दिन से डेरा जमाए तीन नेपाली हाथियों ने एक बार फिर महोफ रेंज के जंगल की ओर रुख किया है। मंगलवार आधी रात के बाद हाथी बाइफरकेशन बीट से होकर पहले चूका एसएसबी शिविर के निकट पहुंचे। इसके बाद फीडर नहर को पार कर महोफ के जंगल में दस्तक दे डाली। जानकारी लगने के बाद महोफ रेंज के वनकर्मियों ने निगरानी बढ़ा दी है।
नेपाल के हाथियों ने पिछले कई माह से पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल को अपना शरण स्थल बना रखा है। पूर्व में डेढ़ माह तक रुकने के बाद हाथी दुधवा टाइगर रिजर्व की ओर निकल गए थे। इधर, तीन दिन पूर्व से हाथियों ने फिर टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज में दस्तक दी। यहां से आगे बढ़कर हाथी बराही के जंगल में पहुंच गए थे। पचपेड़ा क्षेत्र में किसानों की आलू और सोयाबीन की फसलें भी हाथियों ने रौंद डाली। हाथी दो दिन पूर्व से बराही रेंज के जंगल में ही डेरा जमाए हुए थे। इधर, मंगलवार रात हाथी यहां से आगे बढ़कर बाइफरकेषन के रास्ते चूका एसएसबी कैंप के निकट क्षेत्र में पहुंचे। कुछ समय रुकने के बाद हाथी फीडर नहर को पार कर महोफ के जंगल की ओर निकल गए। जानकारी लगते ही वनकर्मियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि हाथी महोफ रेंज में घुसने के बाद उत्तराखंड की सुरई रेंज की सीमा में पहुंच गए। रेंजर पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि जंगली हाथियों की जानकारी लगने के बाद से निगरानी बढ़ा दी गई है।