पीलीभीत। बिलसंडा में अवैध तरीके से संचालित नर्सिंग होम को सील करने के बाद एफआईआर दर्ज नहीं की गई। एमओआईसी को तहरीर देनी थी लेकिन वह थाने नहीं पहुंचे। इस पर सीएमओ ने उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं मामले को लेकर एसपी ने भी संज्ञान लिया और बिलसंडा थाना पुलिस से मामले में जानकारी ली।
सोमवार को बिलसंडा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित धनवंतरि हेल्थ केयर नर्सिंग होम को नायब तहसीलदार ने सील कर दिया था। नर्सिंग होम संचालक न पंजीकरण दिखा सके और न वहां डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मिला। इस मामले में मंगलवार को एफआईआर दर्ज होनी थी। बिलसंडा थानाध्यक्ष अचल कुमार से एसपी दिनेश कुमार पी ने बात कर मामले की जानकारी ली। पूछा मामले में आगे क्या कार्रवाई हो रही है। इसके बाद थानाध्यक्ष ने नायब तहसीलदार हरिशंकर पटेल और एमओआईसी डॉ. श्रीराम से बात की, लेकिन इसके बावजूद एमओआईसी तहरीर देने नहीं पहुंचे। एसपी ने मामले में तहरीर आने पर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इससे साफ लग रहा है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ही अवैध नर्सिंग होम संचालकों पर कार्रवाई से बच रहे हैं।
थानाध्यक्ष अचल कुमार का कहना है कि तहरीर के लिए एमओआईसी को बुलाया था, लेकिन वह नहीं आए। तहरीर मिलने के बाद एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी। वहीं क्षेत्र में अवैध नर्सिंग होम संचालन और तहरीर न देने पर सीएमओ ने उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है।
नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। एमओआईसी की तरफ से अभी तक तहरीर तहरीर क्यों नहीं दी गई है। इस पर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। - डॉ. आलोक कुुमार शर्मा, सीएमओ
अगर स्वास्थ्य विभाग की ओर से तहरीर आती है तो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
दिनेश कुमार पी, पुलिस अधीक्षक