पूरनपुर। गजरौला कलां स्थित नशा मुक्ति केंद्र में साढ़े चार महीने से भर्ती पूरनपुर के युवक अरुन की तबीयत खराब होने से मौत हो गई। केंद्र की तरफ से जब शव घर पहुंचा तो घर वाले भड़क गए। उन्होंने उचित इलाज न मिलने और पिटाई करने का आरोप लगाते हुए असम हाईवे पर जाम लगा दिया। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने लगे। बाद में सीओ ने कार्रवाई को आश्वस्त किया तब माने। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न हो सका। जांच के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।
नगर से सटे गांव नरायनपुर निवासी संजीव ने बताया कि उसके भाई अरुन उर्फ शेरू (30) सब्जी बेचकर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। कुछ साल पहले भाई शराब के लती हो गए थे। कर्जा बढ़ने लगा था। नशा छुड़वाने के उन्हें 24 सितंबर 2021 को कस्बा गजरौला कलां के न्यू लाइफ नशा मुक्ति वेलफेयर सोसायटी में भर्ती करा दिया था। प्रति महीना सात हजार रुपये केंद्र संचालक से तय हुआ। भर्ती के समय साढ़े बारह हजार रुपये जमा किए गए थे। संचालक ने शीघ्र ही नशा छुड़ाने का आश्वासन दिया था। 40 दिन तक परिवार के लोगों को मिलने से मना किया गया। इसके बाद हर रविवार को भाई से मिलने परिवार के सदस्य पहुंचते थे। बीते रविवार को मां रामबेटी और भाभी लक्ष्मी देवी केंद्र में भाई से मिलने गईं थी। तब भाई ने अपने को ठीकठाक बताया था।
संजीव ने बताया कि बुधवार सुबह करीब पांच बजे उसके बहनोई गांव वासूपुर निवासी रमाकांत के पास केंद्र संचालक का फोन आया। उनको बताया गया कि अरुन की हालत खराब है। इलाज के लिए पीलीभीत ले जाया जा रहा है। कुछ देर बाद जानकारी दी गई कि जिला मुख्यालय के एक चिकित्सक के अरुन को भर्ती करने से मना कर दिया है। दूसरे चिकित्सक के पास ले जा रहे हैं। लेकिन कुछ देर बाद ही अरुन के मरने की खबर आई और उन लोगों को बुलाया गया। परिवार के लोग पीलीभीत रवाना होते। इससे पहले शव को घर भेजने की जानकारी दी गई।
शव लदा वाहन घर पहुंचने पर परिवार वालों का गुस्सा फूट पड़ा। करीबियों के साथ शव से लदे वाहन को असम हाईवे के सिरसा चौराहा ले जाकर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। करीब आधा घंटा तक हुए प्रदर्शन पर सीओ वीरेंद्र विक्रम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इसके जाम हटाया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अरुन की पत्नी लक्ष्मी देवी ने नशा मुक्ति संचालक के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। लक्ष्मी देवी का आरोप है कि रविवार को उसके पति ठीक थे। सही इलाज न मिलने और पिटाई की वजह से उनकी जान गई।
नशा मुक्ति केंद्र संचालक सिराज मलिक ने बताया कि अरुन की मंगलवार सुबह अचानक हालत खराब हो गई थी। उसे पीलीभीत शहर के दो चिकित्सकों को दिखाया गया। चिकित्सकों ने ब्रेन हेमरेज से मौत होने की आशंका व्यक्त की। अरुन का लीवर भी खराब हो चुका था।
भाई बहनों में बड़ा था अरुन
पूरनपुर। मृतक के परिवार में पत्नी के तीन पुत्रियां अंशिका (11), गौरी (6), छुटकी (3) और पौने दो साल का पुत्र सनी है। अरुन अपने तीन भाई संजीव और शिवम से बड़ा था। उसकी बहन राजकुमारी की शादी हो चुकी है। बेटे की मौत पर उनकी मां रामबेटी और पत्नी लक्ष्मी देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था।
परिवार वालों ने पत्र पर हस्ताक्षर करने से किया इनकार
पूरनपुर। संजीव ने बताया कि जिस वाहन से उसके भाई का शव भेजा गया था। उस वाहन चालक के हाथ केंद्र संचालक ने एक पत्र भी भेजा। पत्र में अरुन की अचानक मौत होने और कोई कार्रवाई न करने की बात लिखी थी। संचालक ने वाहन चालक से उस कागज पर परिवार के लोगों के हस्ताक्षर कराकर लाने को कहा। कागज पर परिवार वालों ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।
मामला संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की जांच होगी। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
दिनेश कुमार पी, एसपी पीलीभीत
अरुन के गले में एक दिन पहले दर्द हुआ था। डॉक्टर से दवा दिलवाई गई तो आराम मिल गया था। बुधवार की सुबह अचानक तबीयत खराब हुई। दो निजी डॉक्टरों को दिखाया तो उन्होंने कहा कि अब कुछ बचा नहीं। इसके बाद जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। निजी वाहन से शव घर भेजा गया तो परिजन से एंबुलेंस को घेरकर जाम लगा दिया। बाद में पुलिस ने उसे मुक्त कराया।
रणवीर सिंह, नशामुक्ति केंद्र इंचार्ज