बिलसंडा। गांव मझिगवां स्थित प्राचीन श्री सिद्ध लंगड़े बाबा आश्रम परिसर में बने मंदिर का जीर्णोद्धार कराने की मांग को लेकर महंत सत्यगिरि महाराज अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
शनिवार को अफसरों ने संज्ञान लिया और अनशन स्थल पर जाकर महंत से वार्ता की। हालांकि, महंत का किसी जनप्रतिनिधि के न आने पर नवरात्र के दिनों में समाधि लेने की चेतावनी दी है।
नगर से सटा श्री लंगड़े बाबा देवस्थल सैकड़ों वर्ष पुराना है। वर्तमान समय में इस मंदिर पर महंत सत्यगिरि महाराज रहकर देखरेख करते हैं। उनका कहना है कि मंदिर की ओर कोई भी ध्यान भी दे रहा है। मंदिर जर्जर होता जा रहा है, रास्ता भी कच्चा है। पुलिया का भी अब तक निर्माण नहीं किया गया। मंदिर का जीर्णोद्धार, सड़क और पुलिया निर्माण समेत अन्य मांगों को लेकर महंत अनशन पर बैठ गए।
शनिवार को अनशन पर बैठे हुए उनका सातवां दिन रहा। तहसीलदार हबीब अंसारी, बीडीओ अमित शुक्ला, एसओ सिद्धांत शर्मा और लेखपाल विवेक दीक्षित आश्रम परिसर में पहुंचे। वार्ता के दौरान महंत ने अपनी मांगें बताते हुए आश्रम तक पक्की सड़क, नहर पुलिया, मॉडल शौचालय और प्राचीन मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग रखी। अधिकारियों ने मांगें पूर्ण कराने का आश्वासन दिया। महंत का कहना है कि अधिकारियों के आश्वासन से वह संतुष्ट नहीं हैं।
मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग का प्रस्ताव पूरा होने बाद ही अनशन समाप्त करेंगे। मांग पूरी न होने पर नवरात्र के पहले दिन समाधि लेने की बात कही। उधर, लेखपाल विवेक दीक्षित ने सड़क की माप का कार्य शुरू कर दिया। तहसीलदार ने बताया कि अनशन की सूचना पर वह आश्रम पहुंचे।
समस्याओं का निस्तारण के आश्वासन पर अनशन समाप्त हो गया, जबकि महंत ने कहा कि मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर जब तक कोई जनप्रतिनिधि आश्रम परिसर नहीं पहुंचकर जीर्णोद्धार के लिए धनराशि मुहैया नहीं कराता, तब तक अनशन जारी रहेगा।