पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश छांगुर राम ने आठ वर्ष पुराने हत्या के मामले के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 13-13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस मामले के दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
थाना पूरनपुर क्षेत्र निवासी नीलोफर ने थाना पूरनपुर में 10 जनवरी 2016 को तहरीर देकर बताया कि उसका पुत्र अरमान उर्फ हैदर नौ जनवरी को घर से शाम करीब सात बजे देर से वापस आने की बात कहकर निकला था। वापस न आने पर उसकी तलाश की। अगले दिन सुबह सूचना मिली कि पुत्र का शव असम रोड पर पड़ा है।
बेटे के चेहरे व शरीर पर चाकू के निशान थे। पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना कर शाहिद, शमशाद, बबलू और शमून के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस और दलीलों को सुनने के बाद शाहिद व शमशाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
शमून और बबलू के विरुद्ध आरोप सिद्ध न होने पर दोष मुक्त कर दिया। अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता (अपराध) नरेंद्र कुमार गंगवार ने की।