अमरिया। गांव टोंडरपुर के पास आबादी क्षेत्र में लगातार तीन तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। रविवार को देर रात शादी समारोह से कार द्वारा फार्म हाउस लौटते समय फार्म के अंदर घुसने का प्रयास कर रहे तेंदुए को देखकर किसान के पसीने छूट गए। किसान के शोर मचाने पर घर के अंदर सो रहे परिवार के अन्य लोग भी उठ कर शोर करने लगे। सूचना वन विभाग को दी गई। सुबह पहुंची वन विभाग की टीम ने पगचिह्न ट्रेस किए। पिछले दो माह से तीन तेंदुए गांव के आस पास गन्ने के खेतों में डेरा जमाए हुए हैं।
तहसील क्षेत्र में पिछले नौ सालों से आधा दर्जन से अधिक बाघ विचरण कर रहे हैं। लेकिन एक साल से इस क्षेत्र में जंगल से निकलकर तेंदुए भी पहुंचने लगे हैं। क्षेत्र में तेंदुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। गांव टोडरपुर निवासी किसान हरजीत सिंह ने बताया कि रविवार रात करीब 11 बजे बह एक शादी समारोह से घर वापस लौटे। जैसे ही फार्म हाउस के नजदीक पहुंचे, तो कार की रोशनी में एक तेंदुआ फार्म के अंदर घुसने की कोशिश करता हुआ दिखाई दिया। कार में ही शोर करते हुए आगे बड़े शोर सुनकर फार्म हाउस में सो रहे परिवार के लोग जाग गए और शोर मचाने लगे। इससे तेंदुआ पास के गन्ने के खेतों में चला गया।
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले भी गांव टोडरपुर निवासी मजदूर दिलशाद अहमद ट्रैक्टर से खेतों में जुताई करने गया था। तब अचानक गन्ने के खेत से तीन तेंदुए एक साथ निकलकर सामने आ गए थे। उसने बमुश्किल वहा से भाग कर अपनी जान बचाई थी। यह तीनों तेंदुए पिछले दो माह से इसी क्षेत्र में घूमते दिखाई दे रहे हैं। घटना की सूचना के बाद सोमवार को वन दारोगा शैलेंद्र कुमार, टीम प्रभारी सोनी सिंह, टाइगर ट्रेकर चेतन कुमार ने पहुंचकर मौका मुआयना कर ग्रामीणों को सतर्क किया। हरजीत सिंह का कहना है कि यह तेंदुए लगातार आस पास के गन्ने के खेतों में घूमते दिखाई दे रहे है। इस से खेतों में काम करते समय जान का खतरा बना रहता है।
तेंदुओं की टोंडरपुर के पास चहलकदमी करने की सूचना मिली थी। अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर उनको पकडने की अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलने पर पिंजरा लगाकर पकडने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। निगरानी बढ़ाने के साथ ही पटाखे दाग कर तेंदुआ जंगल की ओर खदेडने का प्रयास किया जाएगा। - देवेन्द्र पाल सिंह रेंजर सामाजिक वानिकी