संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान संगठनों ने कृषि कानूनों के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। उग्र किसानों ने अपनी मांग को लेकर टनकपुर, असम और गोला हाईवे पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान किसानों की पुलिस से तीखी झड़प भी हुई। किसानों ने तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने और धान तौल की सीमा की बाध्यता को खत्म कराने के लिए आवाज बुलंद की। अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए हैं।
शहर में करीब पौने दो घंटा किसान टनकपुर हाईवे पर जमे रहे। पूरनपुर में असम हाईवे के सिरसा चौराहा और खमरिया तिराहा पर जाम लगाकर छह घंटे प्रदर्शन किया। बिलसंडा में गोला हाईवे में बंडा बॉर्डर पर करीब तीन घंटा तक किसानों ने चक्का जाम किया। अमरिया, मझोला में बाजार पूरी तरह बंद रहा। बिलसंडा में आधा बाजार बंद रहा। पूरनपुर, बरखेड़ा, न्यरिया साप्ताहिक बंदी को लेकर बाजार बंद रहा। पूरनपुर में कुछ किसान नेताओं की पुलिस व प्रशासन ने झड़प हुई। बाकी स्थानों पर ज्ञापन देने के बाद धरना खत्म कर दिया गया। जाम लगान से रोकने पर पुलिस से नोकझोंक हुई।
खाद्यान संघ ने मंडी गेट भी बंद करा दिया
केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आंदोलन को गति देने के लिए सोमवार को मोर्चा के आह्वान पर किसान संगठनों ने धरना प्रदर्शन किया। शहर में मंडी गेट के सामने से गुजर रहे टनकपुर हाईवे पर किसानों ने 12 बजे चक्का जाम शुरू कर दिया था। मंडी गेट को भी खाद्यान्न संघ की ओर से बंद करवा दिया गया। डेढ़ घंटा तक हाईवे पर तपती धूप की परवाह किए बिना किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।
किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा
सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेने की कई बार कोशिश की, मगर किसानों ने सभा के बाद ही ज्ञापन देने की बात कहीं। करीब पौने दो बजे के बाद किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित दस सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार को सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रहा। इस मौके पर भाकियू जिलाध्यक्ष सतविंदर सिंह कहलो, महामंत्री दिनेश कुमार, मंडल उपाध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा, सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा, महासचिव युसूफ कादरी, जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा कट्टर, भाकपा माले से देवाशीष, अभाकिस के प्रदेश महामंत्री बाज सिंह, सुधीर कुमार, संदीप मिश्रा मौजूद रहे। इधर, मझोला में किसानों ने नगर में जुलूस निकलकर विरोध प्रदर्शन किया।