पीलीभीत। जिले के कांग्रेसी सीतापुर में 48 घंटे से अधिक समय तक सड़क पर बसेरा बनाए रहे। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को सीतापुर में प्रशासन ने जब रोका तभी से जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। सोमवार से बुधवार शाम तक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का अधिकतर समय पीएसी के गेस्ट हाउस के बाहर सड़क पर बीता। कपड़े गंदे हो गए तो कांग्रेसियों बाजार से दूसरी जोड़ी कपड़े खरीदे लेकिन घर नहीं लौटे। बुधवार शाम छह बजे प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ पीलीभीत के कांग्रेसी भी लखीमपुर के लिए रवाना हुए।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि जब प्रियंका गांधी पीलीभीत के लिए चलीं थीं तभी उनके पास दिल्ली से फोन आया और लखीमपुर जिले के तिकुनिया में पहुंचने का निर्देश मिला। वह तिकुनिया पहुंच गए तो पता चला कि प्रियंका गांधी को हरगांव सीतापुर में रोक लिया गया। इसके बाद उन्हें सीतापुर पीएसी लाया गया। तभी से आंदोलन जारी है। उनके साथ युसुफ मलिक, ईश्वर दयाल पासवान, मुनेंद्र पाल सक्सेना, नरेश शुक्ला, शकील नूरी समेत तमाम कार्यकर्ता मौजूद हैं। प्रियंका गांधी को रिहा कराने के लिए आसपास के जनपदों के कांग्रेसी सीतापुर में एकत्र हो रहे हैं। यहीं से लखीमपुर के लिए सभी लोग रवाना हुए। कांग्रेसियों की तरफ से केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त करने और उनके बेटे को हत्या के आरोप में गिरफ्तार करने की मांग बुलंद की गई है।
सीतापुर के कांग्रेसियों ने भोजन का इंतजाम किया है। दो दिन में कपड़े गंदे हो गए तो बुधवार को नए कपड़े बाजार से खरीदे। अब राहुल गांधी आ गए हैं। प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के साथ हम लोग भी लखीमपुर जाएंगे। ऐसे किसी आंदोलन में मैं पहली बार शामिल हुआ हूं जब 48 घंटे से ज्यादा घर जाने का मौका न मिला हो।
- युसुफ मलिक, जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव
न लोकतंत्र बचा है संविधान। सरकार की मनमानी इतनी है कि जनता की आवाज बुलंद करने वाली कांग्रेस के नेताओं को किसानों के प्रति हमदर्दी व्यक्त करने से भी रोका जा रहा है। मैं सोमवार से सीतापुर में हूं। अब बुधवार को शाम राहुल गांधी के लखनऊ से आने के बाद प्रियंका गांधी को गेस्ट हाउस से छोड़ा गया। राहुल और प्रियंका गांधी के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री चरण सिंह चन्नी भी उनके साथ हैं। तीनों नेता लखीमपुर के लिए रवाना हुए हैं। हम साथ हैं।
- हरप्रीत सिंह चब्बा, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष
हमारे साथ पीलीभीत जनपद के 100 से ज्यादा लोग आए हैं। हम लोग दिन भर सड़कों पर रहते हैं। रात को कांग्रेस के तंबू में सो जाते हैं। खाने का इंतजाम कांग्रेसियों ने किया है। प्रशासन ने अस्थायी तौर पर नगर पालिका के शौचालय लगवा दिए हैं। इसलिए 24 घंटे आंदोलन स्थल में बीत रहे हैं।
- ईश्वर दयाल पासवान, जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव
सोमवार को आया था। कपड़े गंदे हो गए तो घर फोन किया और उन्होंने उन कांग्रेसियों से भेजे हैं जो दूसरे दिन आंदोलन स्थल पर आए हैं। लगातार तीन दिनों का आंदोलन स्थल पर रहने से मुझे आजादी के दीवानों की कहानियां याद आने लगी हैं।
- ऋषभ पांडेय, कांग्रेस के युवा नेता