पीलीभीत। लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हुई घटना को लेकर जनपद में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए है। धार्मिक स्थलों से लेकर किसान नेताओं पर पुलिस का कड़ा पहरा बना रहा। शाम को पूरनपुर में किसानों ने असम हाईवे पर जाम भी लगा दिया है। पुलिस फोर्स अफसरों की निगरानी में लगातार मौके पर जुटी रही।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम के दौरान हुई घटना ने जहां पूरे प्रदेश को हिला दिया, वहीं जनपद में भी अंदर खाने अलर्ट घोषित कर दिया गया। तिकुनिया में हुई घटना के बाद पूरे जनपद में पुलिस चप्पे -चप्पे पर निगरानी में जुट गई। सार्वजनिक स्थलों से लेकर धार्मिक स्थलों पर भी पुलिस लगातार निगरानी करती रही। एसपी ने जनपद में अलर्ट घोषित कर दिया है। इसी बीच पूरनपुर में देर शाम किसानों ने असम हाईवे को अपनी गिरफ्त में ले लिया। हालांकि पूरनपुर के अलावा अन्य जगहों पर पुलिस की निगरानी में जुटी हुई है। प्रशासनिक अफसर भी लगातार स्थित पर नजर बनाएं हुए है। पुलिस प्रशासन की ओर से किसान नेताओं को भी नजर बंद कर दिया गया। हालांकि पूरनपुर में देर शाम तक स्थित नियंत्रण होने के बजाय लगातार किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है। एसपी ने भी किसानों से बातचीत करने का प्रयास किया था। मगर किसानों की ओर से कोई तैयार नहीं हुआ था।
सपा नेताओं को पुलिस ने रोका
पीलीभीत। लखीमपुर जा सपा नेताओं से कजरी के निकट पुलिस से उस समय हल्की सी झड़प हुई जब पुलिस ने उन्हें रोका। सपा जिलाध्यक्ष ने जगदेव सिंह जग्गा ने बताया कि पुलिस इंस्पेक्टर ने रोका तो उन्होंने सवाल पूछा कि किसानों की मदद में जाना क्या कोई गुनाह है। इस पर वह कोई जवाब न दे सके। उनके साथ मौजूद सपाई सड़क पर ही धरने देने बैठ गए। इसके बाद इंस्पेक्टर ने सीओ को मौके पर बुलाया। सीओ से वार्ता हुई तब कहीं जाकर वह आगे बढ़ सके। ब्यूरो
घटना को लेकर पूरे जनपद में अलर्ट जारी किया गया है। किसान नेताओं से वार्ता करने की कोशिश की जा रही है। जनपद के माहौल को बचाकर रखा जाएगा। जनपद का माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा। - दिनेश कुमार, एसपी पीलीभीत
घटना लखीमपुर खीरी जनपद में हुई है। जनपद का मामला नहीं है। कप्तान से वार्ता भी की गई है। उन्होंने भी बताया कि जनपद का कोई किसान वहां मौजूद नहीं था। इसके बाद भी सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। - पुलकित खरे, डीएम पीलीभीत