पीलीभीत। प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद के साथ मुख्यमंत्री के निर्देश पर बृहस्पतिवार को जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पुलिस लाइन सभागार में अफसरों के साथ समीक्षा कर बाढ़ के हालात और मुआवजा को लेकर वार्ता की।
जिले में बाढ़ की स्थिति जानने के लिए बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे जलशक्ति मंत्री का हेलिकॉप्टर पुलिस लाइन मैदान में उतरा। इसके बाद पुलिस सभागार में एक घंटा तक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। जिले के हालात और बचाव कार्यों की समीक्षा की गई। इससे पहले मंत्री ने कलीनगर तहसील क्षेत्र में रमनगरा, बुझिया, गभिया सहराई समेत सभी बाढ़ प्रभावित गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण के बाद अधिकारियों को अलर्ट रहने के साथ ही बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटने के निर्देश दिए। करीब साढ़े चार बजे वापस चले गए। बैठक में राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासपान, बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत, डीएम पुलकित खरे, एसपी दिनेश कुमार पी, सीडीओ प्रशांत श्रीवास्तव समेत जिला स्तरीय बाढ़ और प्रशासनिक अफसर मौजूद रहे।
... और बाढ़ राहत कार्य में जिला प्रशासन की पीठ थपथपा गए मंत्री
पीलीभीत। समीक्षा बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में जल शक्तिमंत्री महेंद्र सिंह में कहा कि 17 और 18 अक्तूूबर को उत्तराखंड में भारी बारिश और बदल फटने से बाढ़ आ गई थी। प्राकृतिक आपदा से समय रहते जिला प्रशासन ने लोगों को बचा लिया। इससे कोई जनहानि नहीं हुई। बाढ़ पीड़ितों को रेस्क्यू कर निकला जा रहा है।
कहा कि 1931 में बनबसा बैराज बना था। इससे 90 साल में पहली बार इतना पानी शारदा नदी में आया है। नदी की क्षमता दो से ढाई लाख क्यूसेक की है। जबकि बाढ़ 4.77 लाख क्यूसेक आ गया। इससे बस्ती में पानी घुसने के साथ ही फसलों को अपने आगोश में ले लिया। जिले में शारदा नदी 47 किलोमीटर लंबी होने के कारण काफी क्षेत्र प्रभावित हुआ है। जिले में 125 किलोमीटर लंबी देवहा नदी में भी 56 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इससे इस क्षेत्र में भी बाढ़ की स्थिति बन गई थी। जिला प्रशासन बधाई का पात्र है, जो बाढ़ पीड़ितों को समय रहते निकाल लिया गया था। बाढ़ से निपटने के लिए 272 बाढ़ चौकियों को बनाया गया था। रमनगरा क्षेत्र में कुछ लोग बाढ़ में फंसे हुए थे। इस पर डीएम ने शासन से हेलिकॉप्टर की मांग की। इससे लोगों को सुरक्षित निकला गया था। इसके अलावा दस मोटरबोट को लगाया गया।
बाढ़ से प्रभावित हैं 49 गांव, आकलन के बाद फसलों को दिया जाएगा मुआवजा
जल शक्ति मंत्री ने कहा कि बाढ़ से 49 गांव प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों को राहत किट बांटी जा रही है। अब बाढ़ का पानी कम हुआ है। मेडिकल की टीमों को लगाया गया है। आकलन के बाद फसलों का मुआवजा दिलाया जाएगा। जिन लोगों के मकान ढह गए हैं। उनको मकान बनवाने के लिए पैसा दिया जाएगा। प्रकाश व्यवस्था, शुद्ध पानी, कपड़ों की व्यवस्था बाढ़ पीड़ितों के लिए कराई जाएगी। संक्रमण रोकने के लिए दवा का छिड़काव कराया जाएगा।