मासूम की मौत के बाद क्लीनिक में लगी भीड़ व मौके पर मौजूद पुलिस। संवाद
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पीलीभीत। बुखार पीड़ित आठ वर्ष के मासूम की इंजेक्शन लगने के पांच मिनट बाद ही निजी क्लीनिक में जान चली गई। दुखी परिजन ने गुस्से में आकर हंगामा कर दिया। डॉक्टर पर आरोप लगाए। पुलिस पहुंची। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी ने डॉक्टर से पूछताछ की। शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीएमओ ने टीम गठित कर जांच शुरू करा दी है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मोहम्मद फारुख निवासी मोहम्मद अजीज के आठ माह के पुत्र मुराद हुसैन को सुबह बुखार आ गया था। इस पर उनकी पत्नी राईना बेगम पुत्र को लेकर जाटों चौराहा स्थित एक निजी क्लीनिक पर गईं थीं। डॉक्टर ने बच्चे को देखा और दिन में करीब 11 बजे उसे इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने के पांच मिनट बाद बच्चे की मौत हो गई। इस पर चीख पुकार मच गई। मासूम के परिवार वालों का आरोप था कि डॉक्टर ने बच्चे को गलत इंजेक्शन लगा दिया था। इससे उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत पर परिवार वाले हंगामा करने लगे। काफी भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पर कोतवाल हरीश वर्धन सिंह पहुंच गए।
डॉक्टर से वार्ता कर परिवार वालों को समझाने का प्रयास किया। बाद में कोतवाल ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए परिवार वालों को शांत किया। शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। परिवार वालों की शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. राजेश कुमार और सीओ सिटी सुनील दत्त ने डॉक्टर से पूछताछ की। सीएमओ डॉ. अलोक शर्मा ने टीम गठित कर मामले की जांच शुरू करा दी है।
बच्चा मेरे पास आया था। काफी चीख रहा था। पल्स भी डाउन हो रही थी। मैंने कोशिश करने की बात कहते हुए दूसरी जगह ले जाने की सलाह भी दी। इसके बाद इंजेक्शन लगाया था। कुछ देर बाद बच्चे की मौत हो गई।
-डॉ. मोहम्मद सलीम खां, बीयूएमएस
मौत के मामले में टीम गठित कर जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अलोक शर्मा, सीएमओ
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सीएमओ की ओर से जांच कराई जा रही है। दोनों रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - सुनील दत्त, सीओ सिटी