माला रेलवे स्टेशन परिसर में ग्रामीणों के साथ धरना पर बैठे पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा।
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पीलीभीत। लखनऊ रूट पर माला स्टेशन को रेलवे ने हाल्ट बनाने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। शनिवार केे तमाम ग्रामीण पूर्वमंत्री हेमराज वर्मा के साथ माला रेलवे स्टेशन परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए है। ग्रामीणों का कहना है कि आने जाने का यहां के लोगों का एक मात्र सहारा ट्रेन है। स्टेशन होने पर सभी ट्रेन रुकतीं है, मगर हाल्ट होने के बाद ग्रामीणों को ट्रेन की सुविधा नहीं मिल पाएगी।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्टेशन खत्म होने से 60 से 70 हजार की आबादी के जीवन पर प्रभाव पड़ेगा। उनके जीवन में बेहतर रोजगार, शिक्षा एवं यातायात का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के सबसे करीब का स्टेशन होने की वजह से पर्यटन के माध्यम से जो देशी-विदेशी पर्यटकों के आने संभावनाएं हैं, वह खत्म हो जाएगी। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि हाल्ट बनने से रोकने के लिए उन्होंने सभी प्रयास कर चुके है, लिखित रूप से उन्होंने सत्तापक्ष के जिले के जनप्रतिनिधियों, सांसद, पूर्वोत्तर रेलवे बरेली डिवीजन के उच्च अधिकारियों व जनपद के जिलाधिकारी को इस समस्या के निदान के लिए अवगत कराया, साथ ही मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री कार्यालय को भी अपनी मांग पत्र भेजा है। मगर सुनवाई नहीं हो रही है। पूर्वमंत्री ने बताया कि माला स्टेशन ऐतिहासिक धरोहर है, जो क्षेत्र के लोगों की लाइफ लाइन है। डबल इंजन की भाजपा सरकार माला स्टेशन के खत्म करने के निर्णय से हजारों लोगों को वर्तमान और भविष्य बर्बाद करने का काम कर रही है। हम सभी लोग मिलकर पुन: माला स्टेशन बहाल कराएंगे। इस मौके पर पंकज मित्रा (माला प्रधान), कुंदन लाल (पटपरा प्रधान), वीरपाल, पछत्तर सिंह, हरीश (जमनिया प्रधान), उत्तम दलाल, जगेन, विमल सरकार (भूड़ा सरैदा प्रधान), अजय, भरत विश्वास (क्षेत्र पंचायत सदस्य), अजय विश्वास (क्षेत्र पंचायत सदस्य) आदि मौजूद रहे।