किसानों की जानकारी के बाद सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। नहर को बंद कराने के बाद कट्टों में रेत भरकर मरम्मत कार्य शुरू किया गया। किसानों का आरोप है कि इस बार रजवाहा में सिल्ट सफाई भी नहीं कराईं गई। नहर की पटरियां पतली कर दी गई। देरी से पानी छोड़ने के बाद नहर कटने से नुकसान बढ़ जाएगा।
पहले भी कटती रही रजवाहा नहर
हर साल अभियंता सिल्ट सफाई के नाम पर लाखों रुपए खर्च करते हैं। कई बार रजवाहा नहर की भी सफाई कराई गई, लेकिन दावों के बीच नहर फटती रही। पूर्व वर्षों में भी कई बार रजवाहा नहर फटने से फसलों को नुक्सान होता रहा।