पीलीभीत/ बिलसंडा। बुखार का प्रकोप अभी थमा नहीं है। जिला अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं जिसमें 30 प्रतिशत मरीज बुखार पीड़ित हैं। जनपद में पांच मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 33 हो गई है।
गांव नगरारता निवासी रामसरन पाठक ने बताया कि उनका 20 वर्षीय बेटा पंकज पाठक की दो-तीन से तबीयत खराब चल रही थी। मंगलवार को उसको बहुत तेज बुखार आ गया। बुखार आने के बाद उसे एक डाक्टर को दिखाया जहां उसे तेज बुखार की पुष्टि हुई। डाक्टर द्वार उसे भर्ती कर लिया गया जहां शाम तक उसका इलाज चला। देर शाम तक कोई सुधार न होने पर डाक्टर द्वारा उसे बीसलपुर ले जाने की सलाह दी। परिजनों द्वारा उसे बीसलपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुधवार को गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इधर, बुधवार को जिला अस्पताल में बुखार के तीन सौ से अधिक मरीज डॉक्टर को दिखाने के लिए पहुंचे।
ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है, अगर जानकारी मिलती है तो जांच कराई जाएगी।
- डॉ. श्रीराम सीएचसी अधीक्षक, बिलसंडा
जिला अस्पताल में खून की जांच नहीं हो सकी, लौटना पड़ा
जतीपुर गांव के निवासी अशोक कुमार ने बताया कि वह बुधवार को दोपहर जिला अस्पताल में खून की जांच कराने आए थे लेकिन जांच नहीं हुई और लौटना पड़ा। डाक्टर का कहना था कि जांच की मशीन खराब है।
स्वास्थ्य विभाग, पंचायत राज विभाग व नगर निकाय द्वारा डेंगू से बचाव के लिए नियमित एंटी लार्वा व फॉगिंग कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा डोर टू डोर जाकर लोगों को डेंगू से बचाव के उपाय समझाए जा रहे हैं। डेंगू आशंकित 122 मरीजों की जांच कराई गई जिसमें से 62 लोगों की निगेटिव रिपोर्ट आई है।
- डा. सीमा अग्रवाल, मुख्य चिकित्साधिखारी