पीलीभीत। जिले में एक 18 माह के मासूम समेत तीन लोगों में डेंगू के लक्षण मिले हैं। सूचना मिलने के बाद टीम ने सैंपल लेकर उन्हें परीक्षण को भेज दिया है। इसके अलावा एक दिन पहले मिले आशंकित मरीजों के घर जाकर दवा का छिड़काव करने के साथ संदिग्ध लोगों की जांच की गई। हालांकि जांच में सभी निगेटिव मिले।
पूरनपुर ब्लॉक के गांव मकरादपुर निवासी एक ग्रामीण के 18 माह के बेटे को तीन दिन से बुखार आ रहा था। इस पर उन्होंने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसकी एनएस-1 कार्ड से जांच कराई। तो उसमें मासूम को माइलड पॉजिटिव निकला। लैब से इसकी रिपोर्ट मलेरिया विभाग को दी गई। तो सोमवार को टीम ने सैंपल लेकर एलाइजा के लिए परीक्षण को भेजा है। फिलहाल बच्चे का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा जहानाबाद कस्बे की रहने वाली एक 26 वर्षीय महिला और बल्लभ नगर कॉलोनी के रहने वाले 62 वर्षीय बुजुर्ग की प्राइवेट लैब में दो दिन पहले एनएस-1 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। टीम ने सैंपल लेकर परीक्षण को लखनऊ भेज दिया है। दो दिन पहले जांच को दस सैंपल लखनऊ भेज गए थे। जिनकी रिपोर्ट अभी नहीं आ सकी है। अब कुल मिलकर 13 सैंपल की रिपोर्ट लखनऊ से आनी शेष रह गई है। सहायक मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि सैंपल जांच को भेजे गए हैं। बच्चे को छोड़कर बाकी दो मरीज अपने घर पर हैं।
ब्लॉक पर स्तर पर लगाया गया जागरूकता कैंप
मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए ब्लॉक स्तर पर मलेरिया विभाग की ओर से सीएचसी बीसलपुर के गांव चुर्रासकतपुर, नगर क्षेत्र के मोहल्ला फीलखाना, ललौरीखेड़ा के शिवपुरिया, अमरिया के पंसोली, पूरनपुर के मकरंदपुर, न्यूरिया के गनेशपुर गौटिया और मानपुर में शिविर लगाया गया। जहां 170 लोगों की मलेरिया और 23 लोगों की डेंगू की जांच की गई। हालांकि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। टीम ने कैंप में आने वाले लोगों को मलेरिया और डेंगू के प्रति जागरूक किया।
मोहल्ला फीलखाना में 12 मकानों में मिला डेंगू का लार्वा
एक दिन पहले 45 वर्षीय युवक के आशंकित डेंगू मरीज मिलने पर सोमवार को दीपेश चौधरी के नेतृत्व में टीम ने मोहल्ले में अभियान चलाकर 300 मकानों का सर्वे किया। जिनमें 12 मकानों में डेंगू का लार्वा मिला। सभी जगह कूलर और फ्रिज की ट्रे में पाया गया। टीम ने सभी को नोटिस जारी करते हुए लार्वा को नष्ट कराकर पूरे मोहल्ले में दवा का छिड़काव कराया।
संवेदनशील की श्रेणी में पहुंची बल्लभनगर कॉलोनी
शहर की पॉश कॉलोनी कही जाने वाली बल्लभनगर कॉलोनी अब स्वास्थ्य विभाग के निशाने पर है। क्योंकि वर्तमान में वहां से डेंगू के चार संदिग्ध केस मिल चुके है। जिनके सैंपल जांच को भेज गए हैं। इसके अलावा कॉलोनी में गंदगी और तमाम खामियां होने के कारण डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मलेरिया विभाग के सहायक मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि बल्लभनगर कॉलोनी, फीलखाना और डालचंद को संवेदनशील माना गया है। जिसमें सबसे पहले पर बल्लभनगर कॉलोनी है। अब यहां से चार संदिग्ध सामने आ चुके है। अगर इस कॉलोनी में ध्यान नहीं दिया गया तो संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ सकता है।