पीलीभीत। एक दिन पहले दस साल की मासूम में संभावित डेंगू के लक्षण। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। एलाइजा की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, लेकिन जब टीम ने पड़ताल की, तो पता चला कि रक्षाबंधन पर बच्ची अपने परिवार के साथ गाजियाबाद गई थी। इसलिए बच्ची के वहां से ही संक्रामक रोग की चपेट में आने की कयास लगाए जा रहे हैं। तो वही दूसरी तरफ मलेरिया विभाग की टीम ने कॉलोनी में पहुंचकर आसपास के घरों में एंटी लार्वा की जांच की, लेकिन कुछ नहीं मिल सका।
शहर के अवध नगर कॉलोनी में रहने वाली दस साल की मासूम को बुखार आने पर परिवार वालों ने गुरुवार को बरेली में एक प्राइवेट लैब में उसकी डेंगू की जांच कराई थी। जहां उसका एसएनएल-1 पॉजिटिव आया था। इस पर टीम ने बच्ची की ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली तो पता चला कि रक्षाबंधन पर बच्ची अपने परिवार वालों के साथ गाजियाबाद अपनी एक रिश्तेदारी में गई थी। वहां से आने के बाद उसकी तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई थी। मलेरिया विभाग की टीम ने शुक्रवार को अवध नगर कॉलोनी पहुंचकर उसके घर और आसपास के 176 मकानों में एंटी लार्वा की जांच की, लेकिन कहीं भी कुछ नहीं मिला। इस पर टीम ने दवा का छिड़काव कराया। इधर बच्ची में डेंगू की पुष्टि करने के लिए उसका सैंपल लेकर जांच को भेजा गया है। मलेरिया सहायक अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि बच्ची वायरल से पीड़ित लग रही है। फिलहाल सैंपल जांच को भेजा गया है। कॉलोनी में भी एंटी लार्वा की जांच कराई गई थी। फिलहाल स्थिति ठीक मिली। अब रिपोर्ट का इंतजार है।