पुलिस लाइन में एक सिपाही को शिकायती पत्र देता पीड़ित बहादुर।
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। जमीन के विवाद को लेकर रविवार को सदर विधायक के कार्यालय में बुलाए गए युवक ने जब अपनी बात रखनी चाही तो उसके संग मारपीट की गई। इस घटना में उसने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जाकर शिकायती पत्र दिया गया है। इसमें रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की गई लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। दिव्यांग ने कार्रवाई की मांग की है। दिव्यांग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
थाना बरखेड़ा के गांव पौटाकलां निवासी दिव्यांग बहादुर ने एसपी दिनेश कुमार पी के कार्यालय में पुलिसकर्मी को शिकायती पत्र दिया है। एसपी के नाम संबोधित प्रार्थना पत्र में दिव्यांग ने कहा है कि 17 जनवरी को कोतवाली के गांव बिलगवां निवासी भाई ओमप्रकाश का गांव के ही दो लोगों से जमीन को लेकर विवाद हो गया था। विवाद को लेकर वे लोग उसके भाई ओमप्रकाश से रंजिश रखने लगे थे। इसी मामले में सदर विधायक के यहां से रविवार को विधायक के पीए का फोन आया। तो वह अपने भतीजे के साथ वहां गया। बातचीत हुई पर कुछ ही देर में तो कार्यकर्ता ने हाथापाई शुरू कर दी। भतीजा बचाने आया, तो उसे भी पीटा। जाने से मारने को लेकर रास्ते में भी घेरा गया। किसी तरह भागकर जान बचाई। पत्र में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है।
चुनाव का मौका है, राजनीतिक विरोधी कर रहे बदनाम
सदर विधायक संजय सिंह गंगवार का कहना है कि वह जिले से बाहर हैं। मामले की जानकारी हुई है। जैसा मुझे पता चला है दोनों पक्ष समझौता कराने के लिए कार्यालय आए थे। समझौता नहीं होने पर दोनों भिड़ गए। यह मामला कार्यालय के बाहर का है। कार्यालय प्रभारी ने दोनों को बचाने का प्रयास किया गया। मारपीट किए जाने का आरोप झूठा है। विरोधियों की बदनाम करने की साजिश है।
जांच कराएंगे, साक्ष्य के आधार पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी का कहना है कि वह चुनाव में व्यस्त थे। हो सकता है कि ऐसे में समय कोई व्यक्ति आया हो जब वह कार्यालय में न हों। इस मामले में अगर शिकायती पत्र कार्यालय में दिया गया है तो उस पर भी कार्रवाई होगी। जांच कराएंगे और साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मैं चाहता हूं कि मेले साथ न्याय है। मैंने न्याय की उम्मीद में प्रार्थना पत्र दिया है। ओमप्रकाश मेरे सगे भाई नहीं है लेकिन भाई जैसे संबंध हैं और भतीजे के साथ विधायक के कार्यालय पर गया था। जहां मेरे साथ मारपीट की गई है।
बहादुर, दिव्यांग