ट्रैक्टर पर सवार होकर गन्ने के खेत में घुसी टीम
चिकित्सक डॉ दक्ष गंगवार के पहुंचने के बाद साढ़े तीन बजे रेस्क्यू शुरू किया गया। दो ट्रैक्टर पर सवार होकर टीम गन्ने के खेत के अंदर गई। आधे घंटे के प्रयास के बाद बाघिन को पहली डॉट मारी गई। कुछ देर के इंतजार के बाद फिर दूसरी डॉट मारी गई। इसके बाद बाघिन जाल के किनारे आकर झाड़ियों में छिप गई। करीब आधे घंटे के इंतजार के बाद बाघिन पूरी तरह से बेहोश नहीं हो सकी, इसके बाद एक और डॉट मारी गई।
इसके बाद रेस्क्यू टीम ने बांस की बल्ली की मदद से बाघिन के बेहोश होने की स्थिति का आकलन किया। फिर स्ट्रेचर लेकर टीम को अंदर बुलाया गया। टीम स्ट्रेचर पर लादकर पिंजरे की ओर लाने के लिए आगे बढ़ी। इस दौरान बेकाबू हुई भीड़ के चलते स्ट्रेचर अनियंत्रित होने से बाघिन नीचे गिर गई।
इसी दौरान बाघिन के होश में होने के चलते मौके पर भगदड़ मच गई। स्थिति को भांपते हुए बाघिन को पकड़ने के लिए चिकित्सक को चौथी डॉट भी मारना पड़ी। करीब 10 मिनट बाद टीम ने मशक्कत कर बाघिन को पिंजरे के अंदर डाला। इसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। बाघिन को रेस्क्यू वाहन से माला गेस्ट हाउस भेजा गया है।